लिवरपूल । भारतीय महिला मुक्केबाजों ने 2025 विश्व चैंपियनशिप में विदेश में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इस चैंपियनशिप में मीनाक्षी और जैस्मिन लंबोरिया ने स्वर्ण पदक, नूपुर ने रजत और पूजा रानी ने कांस्य पदक जीता।
जैस्मिन लंबोरिया ने 57 किग्रा में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। उन्होंने फाइनल में पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता पोलैंड की जूलिया सेरेमेटा को 4-1 से हराया। अपने पहले विश्व चैंपियनशिप फाइनल में होने के बावजूद, जैस्मिन ने शानदार प्रदर्शन किया और मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण रखा। मीनाक्षी (48 किग्रा) ने भी जैस्मिन की तरह 4-1 के समान स्कोर के साथ कजाकिस्तान की तीन बार की विश्व चैंपियन और पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता नज़ीम कायज़ेबे को हराया। मीनाक्षी ने भी अपने पहले विश्व चैंपियनशिप फाइनल में बिना किसी घबराहट के प्रभावशाली खेल दिखाया।

एक रजत और एक कांस्य
- नूपुर (80+ किग्रा): नूपुर ने भी स्वर्ण पदक के करीब पहुंच गई थीं, लेकिन पोलैंड की अनुभवी खिलाड़ी अगामा काज़मार्स्का से 3-2 के करीबी मुकाबले में हार गईं।पूजा रानी ने (80 किग्रा) के सेमीफाइनल में इंग्लैंड की एमिली अस्क्विथ से 1-4 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष का बयान
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने इस शानदार प्रदर्शन पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लिवरपूल में हमारे मुक्केबाजों का प्रदर्शन, जिसमें उन्होंने दुनिया के कुछ सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को हराया, यह दर्शाता है कि भारतीय मुक्केबाजी एक निर्णायक ऊंचे स्तर पर है। उन्होंने कहा कि यह सफलता “एथलीट फर्स्ट” नीति का परिणाम है और इससे भविष्य में और सुधारों को लागू करने का आत्मविश्वास मिला है। उन्होंने इन महिला मुक्केबाजों को भविष्य का ओलंपिक चैंपियन बताया।

