Monday, February 9, 2026
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    लखनऊ में निःशुल्क पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन कैंप का सफल आयोजन,मरीज बोले- दवाओं और सही व्यायाम से जीवन आसान हो गया है

    • डॉ. राहुल राठौर ने कहा-पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन से न केवल सांस लेने की क्षमता बढ़ती है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार होता है

    लखनऊ। शहर में पहली बार ट्रांसपोर्ट नगर स्थित, 2050 हेल्थकेयर द्वारा निःशुल्क पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन कैंप का सफल आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्वसन रोग से पीड़ित मरीजों ने भाग लिया। इस कैंप का उद्देश्य सीओपीडी , अस्थमा, इंटरस्टिशियल लंग डिज़ीज़, फेफड़ों के कैंसर, सिस्टिक फाइब्रोसिस और पल्मोनरी हाइपरटेंशन जैसे दीर्घकालिक फेफड़ों के रोगों से जूझ रहे लोगों में जागरूकता बढ़ाना और उन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन सेवाएं उपलब्ध कराना था।

    कैंप का संचालन पल्मोनोलॉजिस्ट, टीबी एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल राठौर ने किया, जिन्हें फेफड़ों से संबंधित रोगों के उपचार और पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन में 17 से अधिक वर्षों का क्लिनिकल अनुभव है।डॉ. राठौर ने प्रतिभागियों को बताया कि पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन से सांस लेने की क्षमता में सुधार, फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ने, थकान में कमी और समग्र जीवन गुणवत्ता बेहतर होने में मदद मिलती है, विशेष रूप से COPD और अन्य क्रॉनिक रेस्पिरेटरी डिज़ीज़ वाले मरीजों में।

    कैंप के दौरान मरीजों को निःशुल्क पल्मोनोलॉजी परामर्श, फेफड़ों की स्वास्थ्य जांच, पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट (PFT), धूम्रपान छोड़ने के लिए मार्गदर्शन, पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन सत्र तथा स्लीप टेस्ट परामर्श जैसी सेवाएं प्रदान की गईं।
    शामिल मरीजों और परिजनों ने बताया कि कैंप के माध्यम से उन्हें बीमारी को समझने, सही व्यायाम तकनीकें सीखने और दवाओं के साथ‑साथ जीवनशैली में बदलाव के महत्व को जानने का अवसर मिला।

    2050 हेल्थकेयर के प्रतिनिधियों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कैंप और दीर्घकालिक रिहैबिलिटेशन कार्यक्रमों के माध्यम से लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों के श्वसन रोगियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
    उन्होंने कहा कि उचित समय पर निदान, नियमित फॉलो‑अप और संरचित रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम से अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता कम की जा सकती है और मरीज अधिक सक्रिय व स्वतंत्र जीवन जी सकते हैं।

    मुस्लिम परिवेश पर आधारित आदाब अर्ज है नाटक में दिखी प्यार की जीत

    लखनऊ। नाट्य संस्था आकांक्षा थियेटर आर्टस ने उ.प्र. उर्दू अकादमी के सहयोग से मुस्लिम परिवेश पर आधारित मौलियर की मूल नाट्य रचना तथा सलीम आरिफ द्वारा अनुवादित नाट्यकृति आदाब अर्ज है का नाट्य मंचन अन्तर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में सुप्रिसिद्ध तुषार बाजपेयी ‘शुभम के निर्देशन में मंचित किया गया।

    इस नाटक को 60 दिवसीय कार्यशाला के अन्तर्गत नगर के वरिष्ठतम रंग निर्देशक प्रभात कुमार बोस, उ०प्र० संगीत नाटक अकादमी अवार्डी के निर्देशन में कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। नाटक प्रारम्भ होने से पूर्व मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति राघवेन्द्र कुमार, उच्च न्यायालय द्वारा दीप प्रज्जवलित कर आशीर्वाद प्रदान किया गया। विशिष्ट अतिथि के रूप में पदमश्री डॉ. अनिल रस्तोगी, वरिष्ठ वैज्ञानित एवं वरिष्ठतम रंगकर्मी एवं फिल्म टेलीविजन एवं फिल्म कलाकारों को अशीर्वाद प्रदान किया गया।

    नाटक के कथानक के अनुसार सुप्रसिद्ध नाटककार मौलियर की नाटय रचना ‘आदाब अर्ज है’ की शुरूआत कुछ इस प्रकार होती है कि जुम्मन और जुबैदा आपस में पति पत्नी है। उनकी आपसी तकरार से प्रारम्भ होती है। तकरार इस हद तक होती है कि नौबत मार पीट तक आ जाती है। अपने पति के इस व्यवहार के कारण तंग आकर जुबैदा बदला लेने के बारे में सोच रही होती है कि तभी उसकी मुलाकात उस इलाके के रईस गुलमेख मोहम्मद के नौकरों हिकमत उल्ला एवं फरखत उल्ला से होती है जो कि अपने मालिक की गूंगी बेटी के इलाज के लिए एक डॉक्टर की तलाश में निकले हुए है।

    पति से बदला लेने का यह अच्छा मौका

    इन दोनों की बाते सुनगर जुबैदा को लगता है कि पति से बदला लेने का यह अच्छा मौका है। जुबैदा उन्हें बताती है कि यहां पर एक बहुत ही अच्छा डॉक्टर है जो किसी बीमारी को तो पलक झपकते ही ठीक कर सकता है लेकिन परेशानी यह है कि वह अपनी काबिलियत तब तक छुपाये रखेगा जब तक उसकी जमकर पिटाई न की जाये। जरूरत पड़ने पर हम लोग भी उसके साथ वैसे ही पेश आते हैं, हिकमत, फखरक जुम्मन को खोजने निकल पड़ते है।

    जुम्मन की खूब पिटाई

    मुलाकात और बात चीत के बाद दोनों जुम्मन की खूब पिटाई करते हैं। मार खाने के बाद मजबूरन जुम्मन कुबूल करता है कि वो डॉक्टर है। गुलमेख मोहम्मद की बेटी शमीम आरा जानबूझ कर गूंगी बनी हुई है क्योंकि मुलमेख मोहम्मद उसका निकाह उसकी मर्जी के खिलाफ करना चाहते हैं जब कि लड़की आशिक अली को पसन्द करती है। शमीम आरा के इलाज के दौरान जुम्मन को उसकी आया फातिमा से मोहब्बत हो जाती है। इसी बीच जुम्मन की मुलाकात आशिक अली से होती है। जुम्मन आशिक अली को अपना कम्पाउण्डर बनाकर शमीम आरा से मिलवाते है शमीम आरा और आशिक अली घर से भाग जाते है।

    सारी जायदाद का मैं अकेला वारिस

    गुलमेख मोहम्मद जुम्मन को पकड़ कर पुलिस के हवाले करना ही चाहते है कि अचानक आशिक अली शमीम आरा के साथ हाजिर हो जाते है और बताते है कि पहले उनका भागने का इरादा था लेकिन इसी दौरान पता चला कि मेरे चचाजान अल्लाह को प्यारे हो गये है और उनकी सारी जायदाद का मैं अकेला वारिस हूँ। गुलमेख मोहम्मद बहुत खुश होते हैं। अपनी बेटी का निकाह आशिक अली से कराने का ऐलान करते हैं तथा इस खुशी के मौके पर जुम्मन को भी मुआफ कर देते हैं। यहीं पर इस हास्य नाटक का समापन होता है। मुख्य भूमिका में तुषार बाजपेयी, मुस्कान सोनी, योगेश शुक्ला, अंकुर सक्सेना, विकास दूबे ने निभयी।

    आदर्श पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन को मजबूत बनाने पर जोर 

    लखनऊ। पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा और संगठनात्मक मजबूती को लेकर सक्रिय आदर्श पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन ने अपनी मासिक विस्तार बैठक में संगठन को नई दिशा देने के संकेत दिए।

    शनिवार को गोसाईगंज में आयोजित इस बैठक में न सिर्फ संगठन के विस्तार पर मंथन हुआ, बल्कि प्रदेश और जनपद स्तर पर कई अहम पदों पर नई नियुक्तियां कर संगठन को और अधिक मजबूत करने की पहल की गई।
    बैठक का आयोजन संगठन के संरक्षक राकेश कुमार पाण्डेय (संपादक, कैनविज टाइम्स) व राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह चौहान के निर्देशन में किया गया।

    कई नए पदाधिकारियों की नियुक्ति

    बैठक में संगठन को और अधिक सशक्त बनाने, पत्रकार हितों की रक्षा और प्रदेश व जनपद स्तर पर इकाइयों के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इरफान अब्बासी एवं संतोष शर्मा की सहमति से सचिव अस्वनी यादव ने कई नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की।
    मिर्जा नासिर को प्रदेश उपाध्यक्ष और शिव मिश्रा को प्रदेश सचिव नियुक्त किया गया। वहीं जनपद स्तर पर फुरकान राईन को जिला अध्यक्ष लखनऊ, मो. सईद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, दिव्यांशु त्रिपाठी को उपाध्यक्ष, धर्मेन्द्र कुमार को सचिव एवं विष्णु नारायण पाण्डेय को जिला महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा अंकित यादव को जिला अध्यक्ष बाराबंकी नियुक्त किया गया।

    जमीनी स्तर पर मजबूत करने की जिम्मेदारी

    नव नियुक्त पदाधिकारियों को संगठन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने, पत्रकारों की समस्याओं के समाधान तथा संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई। बैठक के दौरान भविष्य की कार्ययोजना, पत्रकारों की सुरक्षा और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
    बैठक में पत्रकार साथी डॉ0 राजपाल सिंह, मंसूर अहमद, अस्वनी यादव, मोनू वर्मा, रविन्द्र यादव, इन्द्रेश प्रताप, आदि लोग शामिल हुए।

    एथलेटिक्स, कैरम और बैडमिंटन में रोमांच, मीडिया ओलंपिक सीजन-3 का भव्य शुभारम्भ

    • कैरम में प्रज्ञा, अचिंत्य, नीलांश, अमन व बैडमिंटन में आशीष, शिवांश, गौरी चैंपियन
     
    लखनऊ। हर्ष पाण्डेय, वाजीहा फातिमा और सौरभ शर्मा ने मीडिया ओलंपिक के तीसरे संस्करण के पहले दिन फर्राटा चैंपियन होने का गौरव हासिल किया। मीडिया ओलंपिक की शुरुआत शनिवार को को केडी सिंह बाबू स्टेडियम में भव्य कार्यक्रम के साथ हुई। दूसरी ओर कैरम में प्रज्ञा सिंह, अचिंत्य कुमार शाही, नीलांश गुप्ता व अमन अग्रवाल चैंपियन बने। वहीं बैडमिंटन में आशीष, शिवांश व गौरी ने विजेता ट्रॉफी जीती।
    मीडिया ओलंपिक संघ व द इंडियन व्यू  मासिक पत्रिका के तत्वावधान में आयोजित इस खेल महाकुंभ का उद्घाटन मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के  राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आबकारी एवं मद्य निषेध विभाग नितिन अग्रवाल ने किया।
    उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को प्रोत्साहित कर रही है और खेलो इंडिया गेम्स जैसे आयोजन देश के खेलों को नई पहचान दे रहे है। मीडिया ओलंपिक भी मीडिया कर्मियों व उनके परिवारों की खेल प्रतिभाओं को दिखाने का सशक्त मंच प्रदान कर रहा है। सम्मानित अतिथि लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि दिन-रात खबरों में जुटे पत्रकार आज मैदान में उतरकर खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं, जो सराहनीय है।
    उद्घाटन के दौरान विशिष्ट अतिथि मृत्युंजय कुमार (सूचना सलाहकार, मुख्यमंत्री), खेल निदेशक डा. आरपी सिंह, उत्तर प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव डा. आनन्देश्वर पाण्डेय व इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कामर्स उत्तर प्रदेश चैप्टर के चेयरमैन मुकेश बहादुर सिंह भी मौजूद रहे। आयोजन सचिव राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रविवार को फुटबॉल शूट आउट, रस्साकसी, मेडिसिन बॉल थ्रो, शतरंज, बैडमिंटन व एथलेटिक्स की स्पर्धाओं का आयोजन होगा।
    एथलेटिक्स की स्पर्धाओं में 35 वर्ष से अधिक वर्ग की 100 मीटर दौड़ में आशीष प्रजापति पहले, सीएस आजाद दूसरे व शादाब आलम तीसरे स्थान पर रहे। 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की 50 मीटर दौड़ में विजय पाण्डेय  पहले, नजम हसन दूसरे व अरुण कुमार तीसरे स्थान पर रहे। वहीं अंडर-20 वर्ग की 50 मीटर दौड़ में नीलांश ने पहला व आदर्श ने दूसरा स्थान हासिल किया जबकि अंडर-10 वर्ग की 50 मीटर दौड़ में सुयश ने पहला व अभिलाषा ने दूसरा स्थान हासिल किया।
    अंडर-20 वर्ग की 100 मी दौड़ में  हर्ष पाण्डेय व वाजीहा फातिमा फर्राटा अव्वल रहे जबकि 35 वर्ष से अधिक की 100 मीटर दौड़ में सौरभ शर्मा पहले, अनूप सिंह दूसरे व राजन गौतम तीसरे स्थान पर रहे।
    कैरम में महिला अंडर-35 में प्रज्ञा सिंह चैंपियन बनी जिन्होंने प्राची यादव को शिकस्त दी। पुरुष 35 वर्ष से अधिक में अमन अग्रवाल पहले व अमित सिंह दूसरे, बालक अंडर-16 में अचिंत्य कुमार शाही पहले व शिवांश तिवारी दूसरे जबकि पुरुष अंडर-35 में नीलांश गुप्ता पहले व आदर्श यादव दूसरे स्थान पर रहे।
    बैडमिंटन पुरुष 35 वर्ष से अधिक में आशीष प्रजापति पहले, शादाब आलम दूसरे व सीएस आजाद तीसरे स्थान पर रहे। अंडर-20 आयु वर्ग में बालकों में शिवांश व बालिकाओं में गौरी तिवारी ने पहला स्थान हासिल किया।
    आज आयोजन के अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार सुरेश बहादुर सिंह, प्रद्युम्न तिवारी, प्रेम कांत तिवारी, रत्नाकर सिंह, अखंड प्रताप सिंह,  अनंत मिश्रा, ज्ञानेंद्र शुक्ला, अखिलेश, मयंक, नावेद शिकोह, राजीव तिवारी बाबा, विमल पाठक, जितेंद्र शुक्ला, तमन्ना फरीदी, राम प्रकाश राय, रविंद्र शर्मा, विद्याशंकर राय, रंजीत कुमार, मिथिलेश तिवारी, पंकज चतुर्वेदी भी मौजूद रहे।

    यूपी स्टेट मास्टर्स बैडमिंटन : लखनऊ के अरुण कक्कड़ का शानदार प्रदर्शन, जीते दोहरे खिताब

    यूपी स्टेट मास्टर्स बैडमिंटन : लखनऊ के अरुण कक्कड़ का शानदार प्रदर्शन, जीते दोहरे खिताब
    • योनेक्स–सनराइज यूपी स्टेट मास्टर्स (वेटरन) बैडमिंटन चैंपियनशिप में महिला वर्ग में लखनऊ की मधु की भी दोहरी खिताबी सफलता
     
    लखनऊ। वेटरन खिलाड़ी लखनऊ के अरुण कक्कड़ ने अनिल कुमार ध्यानी की स्मृति में आयोजित योनेक्स–सनराइज यूपी स्टेट मास्टर्स (वेटरन) बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 में बेहतरीन कोर्ट कवरेज की बदौलत दोहरे खिताब अपने नाम कर लिए। अरुण कक्कड़ ने पुरुष एकल 70 वर्ष से अधिक में खिताबी जीत के साथ पुरुष युगल 65 वर्ष से अधिक की ट्रॉफी गोरखपुर के संजय श्रीवास्तव को हराते हुए जीत ली।
    दूसरी ओर लखनऊ की मधु ज्ञानचंदानी ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए महिला एकल 45 वर्ष से अधिक का खिताब अपने नाम किया। महिला एकल 50 वर्ष से अधिक में लखनऊ की सुषमा सिंह विजेता रही।
    उत्तर प्रदेश बैडमिंटन एसोसिएशसन के तत्वावधान में लखनऊ बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव एवं ख्याति प्राप्त बैडमिंटन खिलाड़ी स्वर्गीय अनिल कुमार ध्यानी की स्मृति में इस चैंपियनशिप का आयोजन बीबीडी यूपी बैडमिंटन एकेडमी, विपिन खण्ड, गोमती नगर, लखनऊ में किया जा रहा है।
    चैंपियनशिप के तीसरे दिन पुरुष एकल 70 वर्ष से अधिक के फाइनल में लखनऊ के अरुण कक्कड़ ने पिछड़ने के बाद बेहतरीन खेल दिखाकर वापसी करते हुए  बरेली के अनिल मेहरोत्रा को 15-21, 21-11, 21-7 से हराकर चैंपियन होने का गौरव हासिल किया। पुरुष युगल 65 वर्ष से अधिक के फाइनल में लखनऊ के अरुण कक्कड़ व गोरखपुर के संजय श्रीवास्तव ने अनिल कुमार भटनागर व पंकज गुप्ता (नोएडा/कानपुर) को 21-10, 21-16 से हराकर खिताब जीता।
    महिला एकल 45 वर्ष से अधिक में शीर्ष वरीय लखनऊ की मधु ज्ञानचंदानी ने गाजियाबाद की अनुराधा शर्मा को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 8-21, 21-13, 21-17 से हराकर खिताब जीता। मधु एक दिन पूर्व युगल खिताब जीत चुकी हैं। महिला एकल 50 वर्ष से अधिक के फाइनल में लखनऊ की सुषमा ने उलटफेर करते हुए शीर्ष वरीय गाजियाबाद की सुनीता यादव को 21-4, 21-6 से हराकर खिताबी जीत दर्ज की।
    मिश्रित युगल 60 वर्ष से अधिक के फाइनल में महेंद्र सिंह व रेखा सिंह (लखनऊ/गाजियाबाद) ने मृदुल बत्रा व ममता रानी यादव  (बरेली/नोएडा)  को 21-12, 21-13 से हराया। पुरुष एकल 55 वर्ष से अधिक के फाइनल में दूसरी वरीय कानपुर के पवन गुप्ता ने शीर्ष वरीय जौनपुर के धर्मेद्र शर्मा को 21-18, 21-8 से हराया।
    पुरुष एकल 75 वर्ष से अधिक के फाइनल में वाराणसी के योगेंद्र कुमार जायसवाल ने लखनऊ के जगदीश सिंह कुशवाहा को 21-6, 21-2 से पराजित कर खिताब अपने नाम किया।मिश्रित युगल 45 वर्ष से अधिक के फाइनल में रविंद्र सिंह व कल्पना सिंह (नोएडा/लखनऊ) की जोड़ी चैंपियन बनीं जिन्होंने दूसरी वरीय लखनऊ के शैलेंद्र पावाह व मधु ज्ञानचंदानी की जोड़ी को 21-18, 21-11 से हराकर उलटफेर के साथ खिताब अपने नाम किया। चैंपियनशिप में चौथे व अंतिम दिन रविवार को भी कई मुकाबलों का आयोजन किया जाएगा।

    मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

    लखनऊ।बाबा एजुकेशनल सोसाइटी चिनहट में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों तथा स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए सभी प्रतिष्ठित वक्ताओं की उपस्थिति रही।
    प्रो. (डॉ) अर्चना चौहान ने बताया की सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. देवाशीष शुक्ला, परीक्षा नियंत्रक, अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल विश्वविद्यालय द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों तथा देश-विदेश से आए वक्ताओं द्वारा पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की थीम का औपचारिक अनावरण भी किया गया।
    अपने उद्बोधन में डॉ. देवाशीष शुक्ला ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को वर्तमान समय की अत्यंत महत्वपूर्ण आवश्यकता बताते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
    इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. सार्थक दवे (एमबीबीएस, एमडी, मनोचिकित्सक) एवं विकास चौधरी (भारत के शीर्ष रिलेशनशिप कोच, भावनात्मक बुद्धिमत्ता विशेषज्ञ) ने मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित सामाजिक चुनौतियों तथा डिजिटल युग में सोशल मीडिया के प्रभाव पर अपने विचार व्यक्त किए।

    नर्सिंग शिक्षा में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा

    कार्यक्रम में कॉलेज के संरक्षक डायरेक्टर आर. के. वाजपेयी की गरिमामयी उपस्थिति रही। सम्मेलन की अध्यक्षता कॉलेज की प्रिंसिपल एवं ऑर्गनाइजिंग चेयरपर्सन प्रो. (डॉ) अर्चना चौहान द्वारा की गई। उन्होंने अपने संबोधन में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने तथा नर्सिंग शिक्षा में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
    दो दिवसीय सम्मेलन में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों जैसे टेली-साइकियाट्री, इमोशनल मैच्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का मानसिक स्वास्थ्य में उपयोग, डिजिटल मेंटल हेल्थ, मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग तथा मानसिक स्वास्थ्य में उपयोग की जाने वाली विभिन्न थेरेपी के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। वक्ताओं ने आधुनिक तकनीक एवं चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान पर विशेष बल दिया।

    क्रिकेट के नए ‘वंडरकिड’ वैभव सूर्यवंशी  की यादगार पारी से भारत ने रिकॉर्ड छठी ट्रॉफी जीती

    क्रिकेट के नए 'वंडरकिड' वैभव सूर्यवंशी  की यादगार पारी, भारत ने रिकॉर्ड छठी ट्रॉफी जीती

    हरारे। क्रिकेट के नए ‘वंडरकिड’ वैभव सूर्यवंशी (175 रन, 80 गेंद, 15 छक्के) ने अंडर-19 विश्व कप के इतिहास की शायद सबसे प्रभावशाली पारी खेली जिससे भारत ने शुक्रवार को यहां फाइनल में इंग्लैंड को 100 रन से हराकर छठा खिताब अपने नाम किया। दिलचस्प बात है कि भारत ने पिछली बार 2022 में वेस्टइंडीज में इंग्लैंड को हराकर ही खिताब जीता था। भारत ने इससे पहले 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में आईसीसी ट्रॉफी जीती थी जो टूर्नामेंट के इतिहास में देश के दबदबे को दिखाता है। दसवीं बार फाइनल में पहुंची भारतीय टीम ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए सूर्यवंशी के शतक से नौ विकेट पर 411 रन का रिकॉर्ड स्कोर खड़ा किया।

    चौदह साल के सूर्यवंशी ने यादगार पारी खेली और महज 55 गेंद में तीन अंक का आंकड़ा छूकर इस टूर्नामेंट में दूसरा सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। यह अंडर-19 विश्व कप फाइनल में किसी खिलाड़ी का सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड है और टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में यह टीम का सबसे बड़ा स्कोर भी है। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने इंग्लैड की टीम कालेब फाल्कोनर (115 रन, 67 गेंद) के शतक और सलामी बल्लेबाज बेन डॉकिन्स (66 रन) के अर्धशतक के बावजूद 40.2 ओवर में 311 रन ही बना सकी।

    सूर्यवंशी ने यह पारी तब खेली जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। उन्होंने सिर्फ 32 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया और इसी अंदाज में खेलते हुए दूसरा अर्धशतक सिर्फ 23 गेंद में बना लिया। उनकी 175 रन की पारी में से 150 रन सिर्फ बाउंड्री से ही आए जिसमें 15 छक्के और इतने ही चौके शामिल थे। इस पारी के दौरान उन्होंने विपक्षी टीम के गेंदबाजों की पूरी तरह से धज्जियां उड़ा दी। अब उनके नाम युवा वनडे पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड है। उन्होंने दिसंबर में  दुबई में संयुक्त अरब अमीरात के खिलाफ अपने ही 14 छक्कों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। सूर्यवंशी के नाम अब अंडर-19 क्रिकेट में सबसे तेज 150 रन (71 गेंद में) बनाने का रिकॉर्ड भी है। उन्होंने टूर्नामेंट में पहले इसी मैदान पर इंग्लैंड के बेन मेयेस के रिकॉर्ड को बेहतर बनाया जिन्होंने 98 गेंद में 150 रन बनाए थे।

    सूर्यवंशी के दबदबे का अंदाजा इससे ही लग जाता है कि उनके 100 से 150 रन तक पहुंचने के दौरान दूसरे छोर पर खड़े वेदांत त्रिवेदी ने सिर्फ चार गेंदों का सामना किया। सूर्यवंशी की बल्लेबाजी इतनी जबरदस्त थी कि आधे मैच तक भारत का रन रेट लगभग 10 था और उस चरण पर टीम का अनुमानित स्कोर 500 था। बिहार के समस्तीपुर का यह खिलाड़ी दो घंटे से भी कम समय में क्रिकेट की दुनिया को हैरान करने के बाद 26वें ओवर में मैनी लम्सडेन की शॉर्ट गेंद को स्कूप करने की कोशिश में आउट हो गया। विकेटकीपर थॉमस रियू ने उनका कैच लपका।

    इंग्लैंड के खिलाड़ी सूर्यवंशी को ऐसी पारी पर बधाई देने के लिए उनकी ओर दौड़े जो विश्व कप फाइनल में अक्सर देखने को नहीं मिलती। सूर्यवंशी ने अपने कप्तान आयुष म्हात्रे (51 गेंद में 53 रन) के साथ सिर्फ 19 ओवर में 142 रन बनाए। म्हात्रे अपना अर्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद आउट हो गए। सूर्यवंशी ने अकेले इसी चरण में 22 छक्के लगा दिए और दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस को पीछे छोड़ दिया जिन्होंने 2022 में 18 छक्कों का रिकॉर्ड बनाया था।

    सूर्यवंशी इस टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे कम उम्र के शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं। उन्होंने इंग्लैंड के सभी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की लेकिन बाएं हाथ के स्पिनर राल्फी अल्बर्ट और आॅफ-स्पिनर फरहाद अहमद पर क्रमश: 27 और 22 रन बनाए। उनके आउट होने के बाद अभिज्ञान कुंडू (31 गेंद में 40 रन), वेदांत त्रिवेदी (36 गेंद में 32 रन), विहान मल्होत्रा (36 गेंद में 30 रन) और कनिष्क चौहान (20 गेंद में नाबाद 37 रन) ने उपयोगी योगदान दिया। भारत 400 रन के पार पहुंचकर जीत का प्रबल दावेदार बन गया था और उनके गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। कुछ हद तक यह उपलब्धि अतीत की विश्व स्तरीय भारतीय अंडर-19 टीम के कारनामों से मिलती-जुलती थी जिसमें विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी शामिल थे।

    लेकिन आयुष म्हात्रे की अगुवाई वाली इस टीम ने अपनी अलग पहचान बनाई, विशेषकर बल्लेबाजी के मामले में और सूर्यवंशी नाम के उस तूफानी खिलाड़ी से बेहतर इसका उदाहरण कोई नहीं हो सकता। इंग्लैंड ने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए। फाल्कनर आउट होने वाले अंतिम खिलाड़ी रहे। इस बड़े स्कोर से भारतीय गेंदबाज भी आत्मविश्वास से भरे दिख रहे थे। उन्होंने भी अच्छी गेंदबाजी की जिसमें आर एस अंबरीश ने तीन विकेट जबकि दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान ने दो दो विकेट हासिल किए। इंग्लैंड के लिए बेने मेयेस ने 45 रन और कप्तान थॉमस रियू ने 31 रन बनाए।

    मल्टी फैसिलिटी प्रोफेशनल क्रिकेट एरेना ने जीता सी डिवीजन खिताब, सिंद्रा क्रिकेट क्लब को 6 विकेट से हराया

    21वें बाबू बनारसी दास 'सी' डिवीजन क्रिकेट लीग की ट्रॉफी जीतने के बाद मल्टी फैसिलिटी प्रोफेशनल क्रिकेट एरेना की टीम।

    लखनऊ। जीसीआरजी क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए 21वें बाबू बनारसी दास ‘सी’ डिवीजन क्रिकेट लीग के फाइनल मुकाबले में मल्टी फैसिलिटी प्रोफेशनल क्रिकेट एरेना ने सिंद्रा क्रिकेट क्लब को 6 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया।

    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सिंद्रा क्रिकेट क्लब की टीम 49.2 ओवर में 158 रनों पर सिमट गई। टीम की ओर से अर्पित गोस्वामी ने सर्वाधिक 43 रन बनाए। मल्टी फैसिलिटी प्रोफेशनल के गेंदबाज विजय यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 विकेट झटके।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी मल्टी फैसिलिटी प्रोफेशनल क्रिकेट एरेना की टीम ने 34 ओवर में 4 विकेट खोकर 160 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया। विजेता टीम की ओर से अच्युत प्रताप सिंह ने नाबाद 91 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि अब्दुल अताफ खान ने 31 रन का योगदान दिया। सिंद्रा क्रिकेट क्लब की ओर से कवित मिश्रा को दो विकेट मिले, जबकि मक्की हसन को एक सफलता मिली।

    मैच के बाद आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में सीएएल के संयुक्त सचिव मि. नईम चिश्ती और कार्यकारी सदस्य मि. राकेश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे और विजेता टीम को सम्मानित किया।

    शानदार गेंदबाजी के लिए मल्टी फैसिलिटी प्रोफेशनल के विजय यादव (5 विकेट) को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज का पुरस्कार अर्पित गोस्वामी (सिंद्रा क्रिकेट क्लब),सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज आर्यन कनौजिया (इकाना रेंजर) और सीरीज के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार आशविक सिंह यादव (कंचन स्पोर्ट्स क्रिकेट क्लब) को प्रदान किया गया।

    स्मृति और जॉर्जिया के अर्धशतक से RCB ने दिल्ली को हराकर डब्ल्यूपीएल खिताब जीता

    वडोदरा। कप्तान स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वोल के अर्धशतक और दोनों के बीच शतकीय साझेदारी से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने महिला प्रीमियर लीग चार के बड़े स्कोर वाले रोमांचक फाइनल में बृहस्पतिवार को यहां दिल्ली कैपिटल्स को छह विकेट से हराकर दूसरी बार खिताब जीत लिया।

    अब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियनस दोनों के नाम पर दो-दो डब्ल्यूपीएल खिताब हो गए हैं। दिल्ली की टीम को लगातार चौथी बार फाइनल में खेलते हुए शिकस्त का सामना करना पड़ा।दिल्ली के 204 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने स्मृति (87 रन, 41 गेंद, 12 चौके, तीन छक्के) और जॉर्जिया (79 रन, 54 गेंद, 14 चौके) के बीच दूसरे विकेट की 165 रन की साझेदारी से 19.4 ओवर में चार विकेट पर 204 रन बनाकर जीत दर्ज की।

    चिनेल हेनरी (34 रन पर दो विकेट) और नंदिनी (41 रन पर एक विकेट) ने अंतिम ओवरों में दिल्ली कैपिटल्स को वापसी दिलाने की कोशिश की लेकिन टीम को हार से नहीं बचा पार्इं।दिल्ली कैपिटल्स ने कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स (57), लॉरा वोल्वार्ट (44), सलामी बल्लेबाज लिजेल ली (37) और सलामी बल्लेबाज हेनरी (नाबाद 35) की पारियों से चार विकेट पर 203 रन बनाए।जेमिमा ने 37 गेंद की अपनी पारी में आठ चौके मारे और वोल्वार्ट के साथ तीसरे विकेट के निए 76 रन जोड़े जिन्होंने 25 गेंद का सामना करते हुए तीन चौके और दो छक्के मारे। हेनरी ने 15 गेंद में दो चौके और दो छक्के जड़े और वौल्वार्ट के साथ चौथे विकेट के लिए सिर्फ 24 गेंद में 55 रन की तूफानी साझेदारी करके टीम का स्कोर 200 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने दूसरे ओवर में ही ग्रेस हैरिस (09) का विकेट गंवा दिया जिन्हें हेनरी ने बोल्ड किया।कप्तान स्मृति और जॉर्जिया ने इसके बाद पारी को संभाला। स्मृति ने हेनरी पर चौके से खाता खोला जबकि जॉर्जिया ने मारिजेन कैप और हेरनी पर दो-दो चौके मारे।स्मृति ने नंदिनी की लगातार गेंदों पर चौके और छक्के के साथ पावर प्ले में टीम का स्कोर एक विकेट पर 59 रन तक पहुंचाया। स्मृति ने नंदिनी पर छक्के के साथ 10 ओवर में टीम के रनों का सैकड़ा पूरा किया और फिर श्री चरणी की गेंद को भी दर्शकों के बीच पहुंचाया।

    जॉर्जिया ने श्री चरणी की गेंद पर एक रन के साथ 37 गेंद में अर्धशतक पूरा किया जबकि स्मृति ने स्रेह राणा पर चौके के साथ सिर्फ 22 गेंद में यह उपलब्धि हासिल की।रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के 150 रन 14 ओवर में पूरे हुए।रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू को अंतिम पांच ओवर में जीत के लिए 42 रन की दरकार थी।मीनू मनि ने जॉर्जिया को शेफाली के हाथों कैच कराके स्मृति के साथ उनकी साझेदारी को तोड़ा।रिचा घोष (06) ने नंदिनी पर चौका मारा लेकिन दो गेंद पर मीनू को कैच दे बैठीं।

    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू को अंतिम दो ओवर में 18 रन की जरूरत थी। डि क्लर्क ने हेनरी पर चौका मारा लेकिन इस तेज गेंदबाज ने स्मृति को बोल्ड कर दिया। इस ओवर में आठ रन बने।अंतिम ओवर में बल्लेबाजों को जीत के लिए 10 रन बनाने थे और राधा यादव (नाबाद 12) ने श्री चरणी पर लगातार दो चौकों के साथ टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया।इससे पहले स्मृति ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया जिसके बाद लिजेल और शेफाली वर्मा (20) ने 49 रन जोड़कर दिल्ली कैपिटल्स को सधी हुई शुरुआत दिलाई।शेफाली ने लॉरेन बेल पर पारी का पहला चौका मारा जबकि लिजेल ने सयाली सतघरे (46 रन पर एक विकेट) पर लगातार दो छक्के जड़े।

    शेफाली ने अरुंधति रेड्डी (40 रन पर एक विकेट) पर दो चौके मारे लेकिन इसी ओवर में विकेटकीपर ऋचा घोष को कैच दे बैठीं।दिल्ली ने पावर प्ले में एक विकेट 53 रन बनाए।वोल्वार्ट ने आते ही अरुंधति पर चौका जड़ा जबकि लिजेल ने श्रेयंका पाटिल का स्वागत लगातार गेंदों पर दो चौके और एक छक्के के साथ किया।नेदिन डि क्लर्क (48 रन पर एक विकेट) ने लिजेल को ग्रेस हैरिस के हाथों कैच कराके रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को बड़ी सफलता दिलाई। लिजेल ने 30 गेंद की अपनी पारी में तीन छक्के और इतने ही चौके मारे।

    जेमिमा और वोल्वार्ट ने इसके बाद पारी को संभाला। जेमिमा ने डि क्लर्क पर दो चौके जड़ने के बाद श्रेयंका पर तीन चौके मारे।दिल्ली के रनों का शतक 11वें ओवर में पूरा हुआ।जेमिमा ने डि क्लर्क की गेंद पर एक रन के साथ 32 गेंद में अर्धशतक पूरा किया जिसमें सात चौके शामिल रहे।जेमिमा ने सतघरे पर भी चौका जड़ा लेकिन इसके बाद उनकी फुलटॉस गेंद को डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर डि क्लर्क के हाथों में खेल गई।चिनेल हेनरी ने 19वें ओवर में डि क्लर्क पर चार चौकों और एक छक्के से 24 रन बटोरे और फिर सतघरे पर भी छक्का मारे। वोल्वार्ट पारी की अंतिम गेंद पर रन आउट हुर्इं।

    राउंड ग्लास अकादमी ने असम पर की गोलों की बारिश, 13-1 से हराया

    राउंड ग्लास अकादमी ने असम पर की गोलों की बारिश, 13-1 से हराया
    • 36वां अखिल भारतीय केडी सिंह बाबू अंडर-14 जूनियर हॉकी टूर्नामेंट में पंजाब ने शाहबाद और राजस्थान ने मणिपुर को दी करारी शिकस्त

    लखनऊ। गोमतीनगर स्थित पद्मश्री मोहम्मद शहीद स्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम में खेली जा रहा 36वां अखिल भारतीय केडी सिंह बाबू अंडर-14 जूनियर बालक नगद पुरस्कार राशि वाला हॉकी टूर्नामेंट में गुरुवार को मेहमान टीमों ने दमदार प्रदर्शन कर हाकी का हुनर दिखाया। राउंड ग्लास हाकी अकादमी ने असम हाकी अकादमी पर गोलों की बारिश करते हुए 13-1 गोल से शानदार जीत हासिल की।

    विजेता टीम की ओर से लालू दिवाकर ने सबसे अधिक 4 गोल दागे। इसके अलावा दिग्विजय सिंह ने 2 गोल और सुलेमान, रंजीत सिंह, कप्तान अभीजोत सिंह, युवराज सिंह, शिवजोत सिंह और सम्प्रीत सिंह ने 1-1 गोल दागे। जबकि प्रतिद्वंद्वी टीम असम की ओर से कप्तान जयदुल इस्लाम ने मात्र एक गोल दागा। दूसरे मैच में राजस्थान ने सेयो मणिपुर को एकतरफा 5-0 गोल से हराया। विजेता टीम राजस्थान की ओर से मयंक मीणा, जावेद खान, शाहरुख खान, सिकन्दर खान और प्रियांशू ने 1-1 गोल की सफलता हासिल की। तीसरे मैच में पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मोहाली ने एमएमएस अकादमी शाहबाद को 3-1 गोल से हराया।

    मोहाली की ओर से अघमप्रीत सिंह, करनवीर सिंह और रमनजोत सिंह ने 1-1 गोल दागा जबकि शाहबाद की ओर से कप्तान ऋषि ने मात्र एक गोल दागा। प्रतियोगिता के अगले मैच शुक्रवार को खेले जायेंगे। पहला मैच एसडीएटी तमिलनाडु बनाम हॉकी असम 10:30 दूसरा मैच, एमएमएस हरियाणा बनाम ए ई ऑर्गनाइजेशन मणिपुर 12 बजे, तीसरा मैच राजस्थान हॉकी एसोसिएशन बनाम पीआईएस मोहाली 1:30 दोपहर, चौथा मैच राउंड ग्लास बनाम फ्लिकर ब्रदर्स 3 दोपहर खेला जायेगा।

    अण्डर-16 बालक वर्ग में आर्यन चौहान और बालिका में आशी शमशेरी चैम्पियन

    अण्डर-16 बालक वर्ग में आर्यन चौहान और बालिका में आशी शमशेर चैम्पियन
    • डीपीएल लॉन टेनिस इंटर स्कूल चैम्पियनशिप

    लखनऊ। दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस ) एल्डिको में गुरुवार को इंटर स्कूल लॉन टेनिस चैम्पियनशिप का आयोजन किया गया। चैम्पियनशिप में शहर के विभिन्न स्कूलों के बच्चें ने अण्डर-8, अण्डर-10, अण्डर-12 और अण्डर-16 बालक-बालिका वर्ग में प्रतिभाग किया। अण्डर-16 वर्ग में लामार्टीनियर कालेज के आर्यन चौहान और बालिका वर्ग में लामार्टीनियर की आशी शमशेरी ने खिताब जीता। अण्डर-12 में डीपीएस एल्डिको के शुभी र्रजन बालक वर्ग में और एपीएस नेहरु की विरिका अग्रवाल ने बालिका वर्ग में खिताब जीता।

    2 से 5 फरवरी तक आयोजित चैम्पिश्नशिप में डीपीएस के शिक्षकों तथा प्राचार्य, खेल विभाग प्रमुख एवं विभागाध्यक्षों जैसे विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही। इस आयोजन में एकल एवं युगल मैचों की रोमांचक प्रतियोगिताएं हुईं, जिसमें अभय सिंह, आकाश गुप्ता, पुनीत कुमार, राहुल शर्मा, संजीव यादव तथा विजय सिंह जैसे शिक्षकों के उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिले, जो स्कूल के मूल्यों के अनुरूप शारीरिक फिटनेस एवं खेलमान को बढ़ावा देते हैं। प्राचार्य मनीषा अंथवाल ने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि यह टूर्नामेंट हमारी समग्र विकास की प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसमें स्पोर्ट्स एवं अन्य विभाग सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं।

    प्रतियोगिता के परिणाम : अण्डर-8 बालक-बालिका मिक्सड : हिदांश यादव विजेता, सात्विक सिंह उपविजेता। अण्डर-8 बालिका : शैलवी जयसवाल विजेता, अण्डर-10 बालक : अदद्विक जैन विजेता, अभिराज राजपूत उपविजेता, अण्डर-10 बालिका : स्वर्णिम पाण्डेय, विजेता, कनिष्का पाठक, उपविजेता, अण्डर-12 बालक : शुभी रंजन, विजेता, वीरिका अग्रवाल उपविजेता, अण्डर-12 बालिका : अदविक जैन विजेता, रुद्रांश पाण्डेय, उपविजेता, अण्डर-16 बालक : आर्यन चौहान, विजेता, अभय पाल, उपविजेता, अण्डर-16 बालिका : आशी शमशेर विजेता, इक्षिता रंजन, उपविजेता।

    बैडमिंटन चैंपियनशिप : मिश्रित युगल में जॉन वेस्ले व प्रियंका पाण्डेय ने किया बड़ा उलटफेर

    बैडमिंटन चैंपियनशिप : मिश्रित युगल में जॉन वेस्ले व प्रियंका पाण्डेय ने किया बड़ा उलटफेर
    • लखनऊ के एसके श्रीवास्तव एकल एवं अनिल व शैलेंद्र युगल सेमीफाइनल में
     लखनऊ। लखनऊ के एसके श्रीवास्तव ने अनिल कुमार ध्यानी की स्मृति में आयोजित योनेक्स–सनराइज यूपी स्टेट मास्टर्स (वेटरन) बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 में पुरुष एकल  55 वर्ष से अधिक के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। दूसरी ओर पुरुष युगल 50 वर्ष से अधिक वर्ग में लखनऊ के अनिल कुमार सिंह व शैलेंद्र पावाह की जोड़ी ने अंतिम चार में जगह बनाई।
    वहीं मिश्रित युगल 35 वर्ष से अधिक के क्वार्टर फाइनल में जॉन वेस्ले और प्रियंका पाण्डेय (प्रयागराज/लखनऊ) ने दूसरी वरीय विनय कुमार व रूमा की जोड़ी को हराकर बड़ा उलटफेर करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
    उत्तर प्रदेश बैडमिंटन संघ के तत्वावधान में लखनऊ बैडमिंटन संघ के सचिव एवं ख्याति प्राप्त बैडमिंटन खिलाड़ी स्वर्गीय अनिल कुमार ध्यानी की स्मृति में इस चैंपियनशिप का आयोजन बीबीडी यूपी बैडमिंटन एकेडमी, विपिन खण्ड, गोमती नगर, लखनऊ में किया जा रहा है।
    पहले दिन खेले गए मैचों में महिला एकल 45 वर्ष से अधिक के क्वार्टर फाइनल में गाजियाबाद की अनुराधा शर्मा ने लखनऊ की पूनम सिंह को 21-10, 21-3 से पराजित किया। पुरुष एकल 55 वर्ष से अधिक  के क्वार्टर फाइनल में दूसरी वरीय कानपुर के पवन गुप्ता ने मेरठ के अरुण कुमार को 21-18, 18-21, 21-14 से हराया। वहीं लखनऊ के एसके श्रीवास्तव व वाराणसी के राजीव कुमार सिंह को वाकओवर मिला।
    पुरुष युगल 50 वर्ष से अधिक के क्वार्टर फाइनल में मेरठ के सोमेश जैन व सुनील राणा ने दूसरी वरीय राजीव सिंह व राणा राघवेंद्र कुमार सिंह को 21-18, 21-11 से हराया। वहीं लखनऊ के अनिल कुमार सिंह व शैलेंद्र पावाह की जोड़ी ने वाकओवर के सहारे जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

    मिश्रित युगल 35 वर्ष से अधिक के क्वार्टर फाइनल में शीर्ष वरीय यूपी पुलिस के अखिलेश यादव व भावना बालियान ने आसान जीत दर्ज की जिन्होंने कानपुर के आलोक मल्होत्रा व श्रुति मल्होत्रा को 21-6, 21-10 से हराया। यूपी पुलिस के आलोक कुमार मिश्रा व सीमा राय ने नोएडा के अजय शर्मा व पूर्वषा परीमल को 21-19, 21-11 से शिकस्त दी। इसी वर्ग में जॉन वेस्ले व प्रियंका पाण्डेय (प्रयागराज/लखनऊ) ने दूसरी वरीय यूपी पुलिस के विनय कुमार व रूमा को 9-21, 21-17, 21-16 से हराकर उलटफेर किया।

    यूपी में 24 आईपीएस अफसरों के तबादले, सुजीत पांडेय बने डीजी, सात जिलों के एसपी बदले,देखें पूरी लिस्ट

    लखनऊ (राजीव जैन)। उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। वहीं जारी आदेश के तहत 24 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इस फेरबदल में डीजी, एडीजी, आईजी, डीआईजी, एसएसपी और एसपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं।

    तबादलों में सुजीत पाण्डेय को डीजी, अग्निशमन एवं आपात सेवाएं की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि प्रवीन कुमार को एडीजी, लखनऊ जोन बनाया गया है। के. एस. इमैन्युअल अब आईजी, आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन  के पद पर कार्यभार संभालेंगे।

    इसके अलावा विनोद कुमार सिंह को आईजी, डॉ. भीमराव अम्बेडकर पुलिस अकादमी, आलोक प्रियदर्शी को अपर पुलिस आयुक्त, वाराणसी और राज करन नैय्यर को अपर पुलिस आयुक्त, गाजियाबाद नियुक्त किया गया है।
    सोमेन बर्मा को डीआईजी, अयोध्या परिक्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है।

    कानपुर नगर में संकल्प शर्मा और विपिन टाडा को संयुक्त पुलिस आयुक्त बनाया गया है। वहीं अभिषेक यादव को डीआईजी, एटीएस, आशीष तिवारी को डीआईजी, तकनीकी सेवाएं और प्रताप गोपेन्द्र यादव को डीआईजी, यूपी पुलिस मुख्यालय नियुक्त किया गया है।

    इन सात जिलों के कप्तान बदले

    कुंवर अनुपम सिंह को एसएसपी, जौनपुर, ख्याति गर्ग को एसपी, खीरी, यशवीर सिंह को एसपी, बस्ती, चारू निगम को एसपी, सुल्तानपुर बनाया गया है।अभिनन्दन को एसएसपी, सहारनपुर, डॉ. कौस्तुभ को एसएसपी, गोरखपुर और अविनाश पाण्डेय को एसएसपी, मेरठ की कमान सौंपी गई है।

    बुधवार देर रात उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी 24 आईपीएस अधिकारियों की तबादले की दो पेज की सूची।

    इसके अलावा अपर्णा रजत कौशिक को एसपी, मीरजापुर, रवि कुमार को एसपी, रायबरेली, सुकीर्ति माधव को एसपी, पीलीभीत और सर्वानन टी. को एसपी, अमेठी बनाया गया है।

    सरकार का कहना है कि यह प्रशासनिक फेरबदल कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

     

    धोनी ने कमेंट्री करने की संभावना को नकारा, बोले-आंकड़ों के मामले में कच्चा हूं, इसलिए कमेंट्री नहीं करता

    धोनी ने कमेंट्री करने की संभावना को नकारा, बोले-आंकड़ों के मामले में कच्चा हूं, इसलिए कमेंट्री नहीं करता

    नयी दिल्ली। भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कमेंट्री करने की संभावना को लगभग खारिज कर दिया है और कहा कि वह आंकड़ों के मामले कच्चे हैं और इसलिए इस भूमिका में नहीं उतरते हैं जो संन्यास लेने के बाद खिलाड़ियों का सबसे प्रिय काम रहा है। भारत ने इस 44 वर्षीय खिलाड़ी की अगुवाई में आईसीसी की तीन ट्रॉफी जीती हैं लेकिन 2020 में संन्यास लेने के बाद से उन्होंने खेल से जुड़े मुद्दों पर शायद ही कभी अपने विचार व्यक्त किए हैं।

    क्रिकेट से उनका जुड़ाव अब केवल चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल में खेलने तक ही सीमित है।धोनी ने यूट्यूब पर स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर जतिन सप्रू के साथ बातचीत के दौरान कहा, कमेंट्री करना बहुत मुश्किल है। मुझे लगता है कि खेल का आंखों देखा हाल सुनाने और उस प्रक्रिया में खिलाड़ियों की आलोचना करने के बीच बहुत मामूली अंतर होता है। यह अंतर बहुत ही नाजुक होता है।उन्होंने कहा, अक्सर, आपको इस बात का अहसास भी नहीं होता कि आप जो कर रहे हैं वह शायद थोड़ा गलत है। आप हमेशा उस स्थिति में रहना चाहेंगे जहां आप खेल का वर्णन कर रहे हों। अगर आपको लगता है कि कुछ गलत है तो आप उसे खुलकर बोल देते हैं।

    धोनी ने कहा, लेकिन इसे पेश करना भी एक कला है। अपनी बात शालीनता से कैसे कही जाए ताकि किसी को बुरा न लगे। अगर टीम हार रही है तो उसके कुछ कारण होंगे और आपको उन कारणों को इस तरह से बताने का कौशल होना चाहिए कि किसी को बुरा न लगे। यही कमेंट्री की कला है।इस काम की नाजुक प्रकृति के अलावा धोनी को लगता है कि वह आंकड़ों को याद नहीं कर पाते हैं जिस कारण वह इस काम के लिए खुद को फिट नहीं मानते हैं। यहां तक कि उन्हें अपने आंकड़े भी याद नहीं रहते हैं।

    धोनी ने कहा,”मैं आंकड़ों के मामले में अच्छा नहीं हूं। लेकिन ऐसे बहुत से लोग हैं जो आंकड़ों के मामले में बहुत अच्छे हैं। वे आंकड़े जानते हैं। अगर आप मुझसे मेरे आंकड़ों के बारे में पूछेंगे, तो मैं ‘हम्म’ जैसा जवाब दूंगा। कुछ ऐसे लोग भी हैं जो भारतीय क्रिकेट टीम या भारतीय खिलाड़ियों के ही नहीं बल्कि प्रत्येक युग के सभी खिलाड़ियों के आंकड़ों के बारे में जानते हैं।अपने खेल के दिनों में कई बार कड़े फैसले लेने वाले धोनी से यह भी पूछा गया कि क्या उन्हें कभी क्रिकेट और जीवन के बारे में सलाह लेने की जरूरत पड़ी है।

    उन्होंने कहा,मैं एक अच्छा श्रोता हूं। मैं उन लोगों से बात करता हूं जिनके साथ मैं सहज महसूस करता हूं। लेकिन मैं बोलने से ज्यादा सुनने वाला व्यक्ति हूं। अगर मुझे किसी विषय के बारे में जानकारी नहीं है तो मैं ज्यादा नहीं बोलता क्योंकि सुनने से मुझे ज्यादा सीखने को मिलता है।धोनी ने मुस्कराते हुए स्वीकार किया कि फोन पर जवाब देने में वह अब भी खुद को कच्चा मानते हैं।उन्होंने कहा,मैं उस तरह से संवाद करने में अच्छा नहीं हूं। मुझे आमने-सामने बैठकर लोगों से बात करना पसंद है। मैं फोन पर बात करने में खुद को सहज नहीं पाता हूं क्योंकि मैं किसी का चेहरा नहीं देख सकता। इसलिए फोन पर बात करने के मामले में मैं बहुत असहज महसूस करता हूं।धोनी ने मजाकिया अंदाज में कहा, ”यह एक ऐसी चीज है जिसे मैं सुधारना चाहता हूं, लेकिन मुझे खुशी है कि मैंने इसमें सुधार नहीं किया है।

    अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 : रिकॉर्ड रनचेज से भारत फाइनल में, इंग्लैंड से खिताबी भिड़ंत

    हरारे। आईसीसी मेन्स अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए अफगानिस्तान को सात विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने 311 रन का विशाल लक्ष्य 41.1 ओवर में हासिल कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। अंडर-19 वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार किसी टीम ने 300 से अधिक रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया है।

    भारत की जीत के हीरो सलामी बल्लेबाज एरॉन जॉर्ज रहे, जिन्होंने 104 गेंदों पर 115 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी में 15 चौके और दो छक्के शामिल रहे। जॉर्ज को फाइनल में पहुंचाने वाली इस ऐतिहासिक जीत के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।

    अंडर-19 विश्व कप में सबसे सफल रनचेज

    • 311- भारत बनाम अफगानिस्तान, हरारे, 2026
    • 305- न्यूजीलैंड बनाम आयरलैंड, कोलंबो आरपीएस, 2006
    • 294- साउथ अफ्रीका बनाम बांग्लादेश, कूलिज, 2022
    • 292- वेस्टइंडीज बनाम श्रीलंका, क्राइस्टचर्च, 2010
    • 279 – वेस्टइंडीज बनाम आयरलैंड, लिंकन, 2018

    रनचेज की शुरुआत भारत ने आक्रामक अंदाज में की। वैभव सूर्यवंशी और एरॉन जॉर्ज ने पहले विकेट के लिए 90 रन जोड़े। वैभव ने मात्र 24 गेंदों में अर्धशतक पूरा करते हुए 33 गेंदों पर 68 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और 4 छक्के शामिल थे। वैभव के आउट होने के बाद कप्तान आयुष म्हात्रे ने जॉर्ज का बेहतरीन साथ निभाया। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 114 रन की साझेदारी हुई। आयुष ने 59 गेंदों पर 62 रन बनाए।

    इसके बाद जॉर्ज ने उपकप्तान विहान मल्होत्रा के साथ तीसरे विकेट के लिए 96 रन जोड़कर भारत को जीत के करीब पहुंचाया। विहान 38 रन बनाकर नाबाद रहे।

    इससे पहले अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 310 रन बनाए। अफगान टीम की ओर से फैसल शिनोजादा ने 93 गेंदों पर 110 रन और उजैरुल्लाह नियाजई ने नाबाद 101 रन की शानदार पारी खेली। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 148 रन की बड़ी साझेदारी हुई। भारत की ओर से कनिष्क चौहान ने सर्वाधिक 2 विकेट लिए।

    भारतीय टीम रिकॉर्ड पांच बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत चुकी है और अब लगातार छठी बार फाइनल में पहुंची है। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 6 फरवरी को इसी मैदान पर भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा। इंग्लैंड ने पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 27 रन से हराया था। फाइनल में एक रोमांचक मुकाबले की उम्मीद जताई जा रही है।

    नशेबाजी में गाली-गलौज करने पर की गई थी मजदूर की हत्या 

    अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी,
    लखनऊ। सुशांत गोल्फ सिटी में बीते सोमवार की सुबह मृत मिले मजदूर संतराम की हत्या नशेबाजी के दौरान गाली- गलौज करने पर की गई थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के अंदर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया। घटना अनावरण करने वाली टीम को 15 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की गयी।
    अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी ने बताया की बीती तीन फरबरी की सुबह सुशान्त गोल्फ सिटी इलाके ने एक व्यक्ति लाश सड़क किनारे मिली थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया। शव की पहचान मस्तराम निवासी ग्राम चौरासी पोस्ट महमूदपुर ने भाई सन्तराम  के रूप में की। जिसकी
    तहरीर पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के अंदर दो आरोपियों सुशील उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम कटरा बक्कास समेत दीपक कुमार उम्र 21 वर्ष निवासी ग्राम बुद्धूखेड़ा थाना सुशान्त गोल्फ सिटी को गिरफ्तार कर लिया।
     पुलिस उपायुक्त ने बताया की हत्या ली सूचना पर  तत्काल पुलिस टीमों का गठन किया गया। टीमों द्वारा 15-20 सीसीटीवी कैमरे के फुटेज, टेक्निकल व मैनुएल साक्ष्यो एवं मुखबिर खास द्वारा पहचान करवाने पर जानकारी मिली कि मोटरसाईकिल दीपक निवासी बुद्धखेड़ा की है जो मुल्लाखेड़ा के रहने वाले सुशील का रिश्तेदार है और उसके साथ ही आता जाता है। टीमों द्वारा दीपक के घर बुद्धूखेड़ा पर दबिश दी गयी घर के बाहर की मढ़इया में सो रहे दोनो अभियुक्तों को पुलिस हिरासत में लिया गया।

    बहुत ज्यादा शराब पी

    अभियुक्तों से पूछताछ करने पर ज्ञात हुआ कि दो फरवरी की रात में बहुत ज्यादा शराब पी लिया था। रात में करीब 11.30 बजे अपनी मोटरसाईकिल से मुल्लाखेड़ा जा रहे थे कि रास्ते में सन्तराम साईकिल से आ रहा था। अभियुक्तों की मोटरसाईकिल उससे छू गया तो सन्तराम मां बहन की गाली देते हुए आगे चला गया जिसके बाद अभियुक्तगणों ने मोटरसाईकिल मोड़कर वापस सन्तराम के पास जाकर उसे रास्ते में रोक लिया एवं नशे में उसे ईट व लात घूंसो से मारकर सड़क से घसीट कर बगल के खाली प्लाट में डाल दिया था।

    एशियाई चैंपियनशिप: पिस्टल निशानेबाज ईशा सिंह ने भारत को दिलाए दो स्वर्ण, सम्राट राणा को कांस्य

    एशियाई चैंपियनशिप: पिस्टल निशानेबाज ईशा सिंह ने भारत को दिलाए दो स्वर्ण, सम्राट राणा को कांस्य

    नयी दिल्ली। ओलंपियन ईशा सिंह ने पिछले साल के अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए बुधवार को यहां एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप (पिस्टल/राइफल) के पहले दिन महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता और भारत को टीम वर्ग में भी पीला तमगा दिलाने में मदद की, लेकिन विश्व चैंपियन सम्राट राणा को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

    इक्कीस वर्षीय ईशा ने फाइनल में पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए 239.8 अंक हासिल किए। उन्होंने चीनी ताइपे की दो निशानेबाजों चेंग येन चिंग (235.4, रजत) और यू ऐ वेन (217.7, कांस्य) के अलावा हमवतन सुरुचि सिंह की कड़ी चुनौती से पार पाकर सीनियर एशियाई चैम्पियनशिप में अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता।इस निशानेबाज ने पिछले साल चीन के निंगबो में आईएसएसएफ विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने 2024 में 19 वर्ष की आयु में जकार्ता में अपना पहला महाद्वीपीय खिताब जीता था।

    पहले 10 शॉट के चरण के बाद फाइनल में बढ़त बनाने वाली 19 वर्षीय सुरुचि एलिमिनेशन राउंड में पिछड़ गर्इं और चौथे स्थान पर रहीं, जबकि पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतने और आठ निशानेबाजों के फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय मनु भाकर सातवें स्थान पर रहीं। ईशा ने संयम बनाए रखते हुए 10.4 और उससे अधिक के तीन स्कोर बनाकर स्वर्ण पदक के लिए अपना दावा मजबूत किया जबकि इस बीच चीनी ताइपे की दोनों निशानेबाज पिछड़ गई।क्वालीफाइंग राउंड में सुरुचि 576 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि मनु और ईशा दोनों का स्कोर 575 रहा।

    इन तीनों ने फाइनल में जगह बनाई।सुरुचि (576), मनु (575) और ईशा (575) की तिकड़ी ने कुल 1726 अंकों के साथ टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता, जो क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीतने वाले वियतनाम (1713) और चीनी ताइपे (1711) से काफी अधिक था। इससे पहले विश्व चैंपियन सम्राट पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल के फाइनल में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। पिछले साल काहिरा में विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले सम्राट ने क्वालीफाइंग राउंड में 581 का स्कोर बनाकर दूसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई और लग रहा था कि वह अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखने में सफल रहेंगे।

    लेकिन फाइनल में यह 21 वर्षीय खिलाड़ी 220.3 का स्कोर बनाकर उज्बेकिस्तान के व्लादिमीर स्वेचनिकोव (242.0) और कजाकिस्तान के वैलेरी रखिमजान (241.0) से पीछे तीसरे स्थान पर रहा। आठ निशानेबाजों के फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी श्रवण कुमार चौथे स्थान पर रहे।भारत ने इस स्पर्धा में टीम रजत पदक जीता। भारत की तरफ से सम्राट (581), श्रवण (578) और विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता वरुण तोमर (573) ने कुल 1732 अंक बनाए।उज्बेकिस्तान के भी 1732 अंक थे लेकिन उसने मेजबान भारत के 52 के मुकाबले 58 ‘इनर 10’ का स्कोर बनाया था और इसलिए उसे स्वर्ण पदक मिला। कजाकिस्तान 1731 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।भारत ने इस प्रतियोगिता में 118 निशानेबाजों का सबसे बड़ा दल उतारा है। कजाकिस्तान का दल दूसरा सबसे बड़ा है। उसके 35 निशानेबाज इस टूर्नामेंट में भाग ले रहे हैं।

    अन्य परिणाम:
    पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल (जूनियर): 1. गेविन एंटनी (भारत, 240.9), इमांडोस बेक्टेनोव (कजाकिस्तान, 236.7), मारूफ औलिया (इंडोनेशिया, 215.6)।
    टीम: 1. भारत 1735 अंक, 2. कजाकिस्तान 1680 अंक।

    सच्चाई सामने आने से डर रही है सरकार, इसलिए राहुल को बोलने नहीं दे रही: प्रियंका गांधी

    सच्चाई सामने आने से डर रही है सरकार, इसलिए राहुल को बोलने नहीं दे रही: प्रियंका गांधी

    नयी दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को दावा किया कि सरकार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सदन में बोलने नहीं दे रही है क्योंकि वह इस बात को लेकर डरी हुई है कि चीन के साथ सैन्य तनाव के समय की उसकी सच्चाई सामने आ जाएगी। राहुल गांधी ने सोमवार और मंगलवार को लोकसभा में, पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण पर आधारित लेख का हवाला देते हुए चीन से संबंधित मुद्दा उठाने का प्रयास किया था, लेकिन आसन से इसकी अनुमति नहीं मिली।

    हालांकि, उन्होंने मंगलवार को इस लेख को सत्यापित किया और सदन के पटल पर रखा। इस विषय और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर सदन में गतिरोध बना हुआ है। इस बीच, बुधवार को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में पंडित जवाहरलाल नेहरू के अलावा एक पूर्व नौकरशाह और एक विधिवेत्ता की किताबों का जिक्र करते हुए प्रथम प्रधानमंत्री और कांग्रेस के अन्य नेताओं पर निशाना साधा तथा उन पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाया। प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा,जब मोदी सरकार सदन को बाधित करना चाहती है, तो निशिकांत दुबे को बोलने के लिए खड़ा कर देती है। जहां, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी को संसद में, एक पब्लिश हो चुकी किताब से कुछ उद्धृत नहीं करने दिया गया, वहीं निशिकांत दुबे 6 किताबें लिए हुए हैं, सामने से दिखा रहे हैं, उनमें से उद्धृत कर रहे हैं, लेकिन उनका माइक बंद नहीं किया जा रहा है।

    उन्होंने दावा किया,मोदी सरकार दिखाना चाहती है कि संसद में सिर्फ उन्हीं की चलती है। यह लोकसभा अध्यक्ष पद, संसद, लोकतंत्र और देश की जनता का निरादर है। प्रियंका ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष कोई एक व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि वह पूरे विपक्ष के प्रतिनिधि हैं, जिसका मतलब यह है कि सरकार उन करोड़ों लोगों का मुंह बंद करना चाहती है, जिन्होंने विपक्ष के सांसदों को वोट दिया है। कांग्रेस नेता ने कहा,एक तरफ नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोका जाता है, वहीं दूसरी तरफ किसी को खड़ा कर तमाम फिजूल की बातें बोलने दी जाती हैं। सदन में बार-बार नेहरू जी का नाम लिया जाता है। ये सनक है, जिससे देश का ध्यान भटकाया जा रहा है।

    प्रियंका ने दावा किया,मोदी सरकार चाहती है कि लोगों को नरवणे जी की लिखी बातें न पता चलें। जब चीन की सेना हमारी सरहद पर थी, तो सत्ता में बैठे नेता निर्णय ही नहीं ले पा रहे थे कि अब क्या करना है। दो घंटे बाद सरकार यह कहती है कि आप खुद ही निर्णय ले लो और भाजपा के यही लोग इंदिरा गांधी जी और इतिहास की बातें करते हैं। इससे पहले, प्रियंका गांधी ने दावा किया,असलियत में मोदी सरकार डर गई है कि उनकी सच्चाई देश के सामने आ जाएगी, इसलिए वे किताब को प्रकाशित भी नहीं होने दे रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा,नरवणे जी की किताब में लिखा है कि जब चीन की सेना हमारी सीमा पर थी, उस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सरकार के शीर्ष नेतृत्व की क्या प्रतिक्रिया थी।

    डेविस कप: बेंगलुरु के ऊंचाई पर स्थित स्थल से सामंजस्य बैठाना होगा भारत-नीदरलैंड को

    डेविस कप: बेंगलुरु के ऊंचाई पर स्थित स्थल से सामंजस्य बैठाना होगा भारत-नीदरलैंड को

    बेंगलुरु। भारत और नीदरलैंड जब इस सप्ताहांत बेंगलुरु में डेविस कप मुकाबले के लिए कोर्ट पर उतरेंगे तो वे सिर्फ एक-दूसरे से मुकाबला नहीं करेंगे बल्कि टेनिस की सबसे मुश्किल परिस्थितियों में से एक ‘ऊंचाई’ का भी सामना करेंगे।समुद्र तल से 900 मीटर (2,950 फीट) की ऊंचाई पर बेंगलुरु भारत का सबसे ऊंचाई पर स्थित टेनिस आयोजन स्थल है जो पुणे (550 मीटर) से काफी अधिक ऊंचाई पर स्थित है।

    हालांकि यह क्विटो (2850 मीटर) या ला पाज (3500 मीटर) जैसे स्थलों जितना मुश्किल नहीं है लेकिन इतनी ऊंचाई पर भी हवा गेंद, शरीर और खिलाड़ियों के अंक बनाने के तरीके पर काफी असर डाल सकती है। डेविस कप जैसी टीम प्रतियोगिताओं में गलती की गुंजाइश काफी कम होती है और ऐसे में परिस्थितियों से सामंजस्य बैठाना काफी महत्वपूर्ण होगा। ज्यादा ऊंचाई पर हवा का सीधा असर गेंद की स्पीड पर होता है।शॉट तेजी से जाते हैं और गेंद अधिक उछलती है। समुद्र तल के स्तर पर जो रैली नियंत्रण में लगती है ,वह बेंगलुरु में अचानक लंबी जा सकती है।

    खिलाड़ियों को सबसे पहले जो बदलाव करना होता है वह है रैकेट की तारों में। अधिक ऊंचाई पर गेंद तेज जाती है इसलिए खिलाड़ियों को आमतौर पर अपने रैकेट के तारों को सामान्य से अधिक कड़ा रखना पड़ता है। ढीली तारें ‘ट्रैम्पोलिन’ प्रभाव को बढ़ा देती हैं जिससे नियंत्रण कम हो जाता है और गेंद को अधिक जोर से मारने का जोखिम बढ़ जाता है।अधिक ऊंचाई पर खिलाड़ियों के लिए कुछ शॉट खेलना मुश्किल हो जाता है जबकि कई शॉट खेलना आसान हो जाता है। ऐसी परिस्थितियों को दमदार सर्विस करने वाले या फिर बेसलाइन पर ठोस रिटर्न करने वाले खिलाड़ियों को फायदा होता है। गेंद के अलावा शरीर पर भी ऊंचाई का असर होता है।

    हवा में आक्सीजन कम होने से खिलाड़ी उम्मीद से अधिक जल्दी थक सकते हैं, विशेषकर लंबी रैलियों या लंबे मुकाबलों के दौरान। ऐसी स्थिति में अंकों और गेम के बीच की उबरने की प्रक्रिया अधिक मुश्किल हो जाती है। ऐसे में परिस्थितियों के अनुसार ढलना बहुत जरूरी हो जाता है। जो टीम जल्दी आती हैं और आयोजन स्थल पर कई दिन अभ्यास करती हैं उन्हें साफ तौर पर फायदा होता है।

    ये सत्र सिर्फ गेंद को हिट करने के बारे में नहीं होते बल्कि ये खिलाड़ियों को सांस लेने के तरीके, तेजी और शारीरिक रूप से उबरने की प्रक्रिया में बदलाव में भी मदद करते हैं। ऊंचाई इस चीज में बदलाव नहीं करती कि बेहतर टेनिस खिलाड़ी कौन हैं लेकिन जो जितनी जल्दी सामंजस्य बैठाता है वह उतनी अच्छी स्थिति में होता है। बेंगलुरु में तैयारी, धैर्य और सटीकता उतनी ही मायने रखेगी जितनी प्रतिभा रखती है।

    केडी सिंह बाबू की तनिष्का और रिमझिम नेशनल वेटलिफ्टिंग में दिखायेंगी दम

    केडी सिंह बाबू की तनिष्का और रिमझिम नेशनल वेटलिफ्टिंग में दिखायेंगी दम
    • गाजियाबाद में शुरू नेशनल वेटलिफ्टिंग का आयोजन 14 फरवरी तक

    लखनऊ। केडी सिंह बाबू स्टेडियम के वेट लिफ्टिंग कोच व उप-क्रीड़ा अधिकारी अरबिन्द सिंह कुशवाहा की देख-रेख में नियमित अभ्यास कर रही तनिष्का कन्नौजिया और रिमझिम सिंह चौहान गाजियाबाद के मोदीनगर में बुधवार से 14 फरवरी तक आयोजित नेशनल वेटलिफ्टंग में प्रतिभाग करने के लिए रवाना हो चुकी हैं। कोच अरबिन्द सिंह कुशवाहा ने बताया कि तनिष्कस कन्नौजिया 77 किलोग्राम भार वर्ग से अधिक (यूथ गर्ल्स) और रिमझिम सिंह चौहान 77 किलोग्राम भार वर्ग (जूनियर महिला) गुरुवार से अपने-अपने वर्ग में दमखम दिखायेंगी। उन्होंने बताया कि दोनों खिलाड़ियों का नेशनल चैम्पियनशिप में स्टेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के आधार पर हुआ है।

    कोच अरबिन्द सिंह कुशवाहा ने बताया कि तनिष्का कन्नौैजिया और रिमझिम सिंह चौहान के अलावा केडी सिंह बाबू स्टेडियम के प्रशिक्षु लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेशनल चैम्पियनशिप में दोनों खिलाड़ियों का पदक तकरीबन पक्का रहेगा। नेशनल चैम्पियनशिप में रवाना होने से पर्वू क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी डॉ अतुल सिन्हा, जिला भारोत्तलन संघ के सचिव रंजीत सिंह ने दोनों खिलाड़ियों बधाई और शुभकामनाएं देकर रवाना किया।