लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संविधान दिवस के अवसर पर लोकभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में संविधान की उद्देशिका का पाठन कराया और संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने भारत के संविधान की महानता का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। योगी ने कहा कि कांग्रेस ने संविधान की उद्देशिका से छेड़छाड़ करके संविधान का गला घोंटने का काम किया।
सीएम योगी ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की यह धरोहर है जो संपूर्ण भारत को 140 करोड़ भारतवासियों को एकता के सूत्र में बांधता है वह भारत का संविधान है, इस भारत के संविधान का संरक्षण करना हम सब का दायित्व है।
भारत के संविधान के द्वारा भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए तय किए गए उसके मूलभूत कर्तव्यों का अगर हम पालन करेंगे तो यह बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के प्रति, भारत के संविधान निर्माताओं के प्रति और भारत के महान स्वाधीनता संग्राम सेनानियों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर द्वारा 26 नवंबर 1949 को पेश किए गए संविधान में ‘सेक्युलर’ और ‘समाजवादी’ शब्द नहीं थे, और कांग्रेस ने इमरजेंसी के दौरान इन शब्दों को संविधान में जोड़कर इसके मूल स्वरूप को बदलने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस का षड्यंत्र था, जिसने देश के नागरिक अधिकारों को निरस्त किया और संविधान की आत्मा का अपमान किया।
योगी ने संविधान को दुनिया का सबसे विस्तृत और सशक्त संविधान बताया और कहा कि यह संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करता है, चाहे उनकी जाति, धर्म या समुदाय कुछ भी हो। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का संविधान महिलाओं को वोट देने का अधिकार देने वाला पहला था और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिलाओं के लिए विधायिका में एक तिहाई आरक्षण देने के साथ, भारत एक बार फिर इस मामले में दुनिया से आगे बढ़ चुका है।
इसके अलावा, योगी ने संविधान के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया और कहा कि यदि हर नागरिक अपने कर्तव्यों का पालन करता है, तो हम एक सशक्त और समृद्ध भारत बना सकते हैं। इस अवसर पर उन्होंने संविधान से जुड़े वाद-विवाद प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया और संविधान के महत्व पर एक डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की।

