लखनऊ । नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ जनपद के नगर पालिका कम्युनिटी हॉल में आयोजित जिला सहकारी बैंक के चतुर्थ वार्षिक अधिवेशन में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने सहकारिता आंदोलन की महत्ता पर जोर देते हुए इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया।
मंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की है। उन्होंने आनंद (गुजरात) की बनास अमूल डेयरी का उदाहरण देते हुए कहा कि सहकारिता की ताकत से किस प्रकार एक क्षेत्र आर्थिक रूप से सशक्त बन सकता है।उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आनंद के जिलाधिकारी के रूप में उन्होंने सहकारिता की शक्ति को बहुत करीब से देखा है। यदि पारदर्शिता, विश्वास और सहयोग की भावना के साथ कार्य किया जाए तो सहकारिता कभी असफल नहीं हो सकती।
मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि बनारस की तर्ज पर पूर्वांचल में भी बनास डेयरी स्थापित करने की दिशा में प्रयास जारी हैं और शीघ्र ही इस क्षेत्र में एक नई डेयरी स्थापित की जाएगी, जिससे किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा तथा उनकी आय में वृद्धि होगी।घोसी चीनी मिल का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि “घोसी चीनी मिल का कोई बाल बांका भी नहीं कर सकता।” उन्होंने बताया कि हाल ही में कैबिनेट बैठक में उन्होंने मा. मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से इसके लिए फंड की मांग की थी, जिसके लिए उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया है।फंड मिलते ही चीनी मिल का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
मंत्री शर्मा ने कुछ लोगों द्वारा विकास कार्यों में बाधा डालने की कोशिशों पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि “कुछ लोग शांत पानी में पत्थर मारकर लहर पैदा करने की राजनीति करते हैं।” उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसी नकारात्मक राजनीति का समर्थन न करें और विकास की मुख्यधारा के साथ जुड़ें।उन्होंने यह भी बताया कि मऊ अब विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसे कोई रोक नहीं सकता। टी-सीरीज द्वारा मऊ महादेव पर शूटिंग के लिए किया गया अनुरोध क्षेत्र के लिए गर्व की बात है और इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
मंत्री शर्मा ने आश्वासन दिया कि मऊ की सहकारी समितियों के सभी ब्रांच को सुदृढ़ किया जाएगा और उनके विकास के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय लोग एकजुट होकर विचार-विमर्श करें तो बनारस की तर्ज पर मऊ में भी अमूल-बनास डेयरी की स्थापना जल्द संभव है।
कार्यक्रम में सहकारी बैंक के जिलाध्यक्ष अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि सरकार के प्रयासों से प्रदेश के 50 जनपदों में संचालित सहकारी बैंकों में से 49 लाभ में हैं। मऊ का जिला सहकारी बैंक, जो पहले घाटे में था, अब सभी के सामूहिक प्रयास से लाभ में आ गया है और इस वित्तीय वर्ष में लगभग 50 लाख रुपये के लाभ की संभावना है। उन्होंने बताया कि जनपद में 75 हजार से अधिक सहकारिता सदस्य हैं और हर न्याय पंचायत स्तर पर समितियां सक्रिय हैं।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय, पीसीएफ चेयरमैन वाल्मीकि त्रिपाठी, पूर्व विधायक विजय राजभर, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष अखिलेश तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष हौसला उपाध्याय सहित अन्य पदाधिकारी, सहकारी समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।




