एडीसीपी उत्तरी राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि फैजुल्लागंज के रहने वाले अशोक कुमार दिवान के पद से रिटायर है। अशोक के मुताबिक मूल रूप से देवरिया के रहने वाले राजकुमार यादव और राजेश प्रसाद ने उसके बेटे नीलेश कुमार को पंजाब नेशनल बैंक में क्लर्क की नौकरी लगवाने का झांसा दिया था।इसके लिए आरोपियों ने आठ लाख रुपये का खर्च आने की बात बताई थी।दस लाख में पंजाब नेशनल बैंक का पीओ और आठ लाख में क्लर्क की नौकरी लगवाने का झांसा देकर बेरोजगारों को चपत लगाने वाले चार शातिर जालसाजों को क्राइम ब्रांच और मड़ियांव पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जी 31 ज्वॉइनिंग लेटर,26 ऑर्डर लेटर, एक हिसाब किताब वाली डायरी अन्य दस्तावेज बरामद किया है।
पुलिस ने आरोपियों के बैंक अकाउंट में जमा करीब 25 लाख रूपये भी सीज करा दिया है।इस पर अशोक उनके झांसे में आकर बेटे के उज्जवल भविष्य को देखते हुए आरोपियों को बतौर एडवांस 2.35 लाख रुपये थमा दिए। इसके बाद आरोपियों ने नीलेश का फर्जी ज्वॉइनिंग लेटर भी थमा दिया। बैंक जाने पर जालसाजी का पता चलने पर पीड़ित अशोक ने पांच नवंबर को मड़ियांव थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मड़ियांव पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच को भी अलर्ट किया गया। इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर देवरिया निवासी राजकुमार यादव, राजेश प्रसाद व अतरौली गांव थाना मोहनलालगंज निवासी चंदन कुमार और आजमगढ़ के रहने वाले गुलाब चंद्र को गिरफ्तार कर लिया।एसीपी अलीगंज अखिलेश सिंह ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि आरोपी राजकुमार पूरे गिरोह का सरगना है।
वह हाईस्कूल फेल होने के बावजूद खुद को पंजाब नेशनल बैंक का जीएम बताता था। उसके बातों में आकर लोग आसानी से शिकार हो जाते थे। वहीं राजेश प्रसाद ने इंटरमीडिएट, चंदन कुमार आईटीआई और गुलाब चंद्र ने इंटर तक कि पढ़ाई की है।इन्सपेक्टर मड़ियांव विपिन कुमार सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी करीब चार साल से इस गोरखधंधे में लगे हुए थे। पुलिस की अब तक कि पड़ताल में करीब 40 बेरोजगारों को ठगने का मामला सामने आया है। अन्य पीड़ितों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।