रिपोर्ट – सिद्धार्थ जैन
जयपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला मेटों के माध्यम से नरेगा श्रमिकों को साक्षर करने के लिए जिला प्रशासन ने नरेगा आखर अभियान का आगाज किया है। अभियान के तहत गुरुवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के साथ अभियान का शुभारंभ हुआ।
जिला प्रमुख रमा चौपड़ा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि साक्षरता से सशक्तिकरण की दिशा में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के नेतृत्व में जिला प्रशासन का यह प्रयास मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान से ना केवल ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक चेतना का विस्तार होगा बल्कि महिलाओं में भी हस्ताक्षर ज्ञान एवं वित्तीय साक्षरता के प्रति जागरुकता का संचार होगा।
- ग्रामीण क्षेत्रों में महिला मेटों के माध्यम से नरेगा श्रमिकों को किया जाएगा साक्षर
इस अवसर पर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कहा कि नरेगा आखर का उद्देश्य जिले के ग्रामीण क्षेत्र के निवासरत निरक्षर ग्रामीणों एवं नरेगा श्रमिकों को साक्षर, दक्ष, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सक्रिय कर डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता के माध्यम से सशक्त बनाना है।
जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा ने बताया कि नरेगा आखर अभियान के तहत बुनियादी साक्षरता, हस्ताक्षर ज्ञान, वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता शामिल है। इस हेतु महात्मा गांधी नरेगा, प्रारंभिक शिक्षा, शिक्षा साक्षरता एवं सतत शिक्षा, जिला अग्रणी प्रबंधक, सूचना एवं प्रोद्योगिकी विभागों के माध्यम से अभियान का सफल संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग, साक्षरता एवं सतत शिक्षा विभाग तथा प्रारंभिक शिक्षा विभाग के सहयोग से नरेगा श्रमिकों को बुनियादी साक्षरता और कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए ‘नरेगा आखर’ अभियान का शुभारंभ किया गया है। ‘नरेगा आखर’ एक अभिनव पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों मे नरेगा कार्यस्थलों पर कार्यरत निरक्षर श्रमिकों को कार्यात्मक, वित्तीय और डिजिटल साक्षरता प्रदान करना है। यह पहल ग्रामीण निरक्षर श्रमिकों को बुनियादी साक्षरता और विषयगत जानकारी से अवगत करवाने के लिए शुरू की गई है, ताकि वे स्थानीय स्तर पर ग्राम पंचायतों के साथ सार्थक रूप से जुड़ सकें।
कार्यक्रम के अन्तर्गत संरचित शिक्षण मॉड्यूल, सामुदायिक कार्यशालाएं और डिजिटल टूल्स के एकीकरण के माध्यम से नरेगा श्रमिकों को आधुनिक जीवन की आवश्यकताओं के लिए तैयार किया जाएगा। वित्तीय और डिजिटल साक्षरता पर विशेष ध्यान देते हुए उन्हें बैंकिंग, सरकारी योजनाओं तक पहुंच और डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी जाएगी।