
भारतीय क्रिकेट के महान स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है। अश्विन का यह निर्णय भारतीय क्रिकेट के लिए एक युग का अंत है, क्योंकि उन्होंने अपने अद्वितीय करियर में भारत को कई महत्वपूर्ण जीत दिलाई हैं।
अश्विन ने कुल 287 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, जिनमें 765 विकेट हासिल किए। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 537, वनडे में 156 और टी20 में 72 विकेट अपने नाम किए। इसके साथ ही उन्होंने 4394 रन बनाए, जिसमें 6 शतक और 15 अर्धशतक भी शामिल हैं।
अश्विन ने अपने करियर की शुरुआत 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच से की थी। उन्होंने 2024 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने अंतिम टेस्ट मैच में भारत की ओर से अंतिम बार खेला। इसके अलावा, अश्विन ने 2010 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे और 2010 में ही जिम्बाब्वे के खिलाफ T20 क्रिकेट में पदार्पण किया था।आईपीएल में भी उनका करियर शानदार रहा, जहां उन्होंने 211 मैचों में 800 रन और 180 विकेट हासिल किए।
𝙏𝙝𝙖𝙣𝙠 𝙔𝙤𝙪 𝘼𝙨𝙝𝙬𝙞𝙣 🫡
A name synonymous with mastery, wizardry, brilliance, and innovation 👏👏
The ace spinner and #TeamIndia's invaluable all-rounder announces his retirement from international cricket.
Congratulations on a legendary career, @ashwinravi99 ❤️ pic.twitter.com/swSwcP3QXA
— BCCI (@BCCI) December 18, 2024
अश्विन के संन्यास पर भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने कहा, वह अपने फैसले को लेकर पूरी तरह आश्वस्त थे, हमें उसकी इच्छा का सम्मान करना चाहिए।” भारतीय क्रिकेट जगत के वरिष्ठ खिलाड़ी और विशेषज्ञों का मानना है कि अश्विन का योगदान भारतीय क्रिकेट में हमेशा अविस्मरणीय रहेगा।
उनकी भावनात्मक विदाई गाबा में बारिश के दौरान देखी गई, जब विराट कोहली ने उन्हें भारतीय ड्रेसिंग रूम में गले लगाया और अश्विन की आंखों में आंसू थे।
रविचंद्रन अश्विन का करियर न केवल शानदार आंकड़ों से भरा हुआ है, बल्कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट को कई यादगार क्षण भी दिए। उनके संन्यास के साथ, भारतीय क्रिकेट एक युग को अलविदा कह रहा है।



