लखनऊ। भारत-नेपाल सीमा से सटे थारू बहुल एवं सीमांत क्षेत्रों तक आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 6.0 का औपचारिक शुभारंभ कर दिया गया है। शनिवार को लखनऊ के विश्व संवाद केंद्र, जियामऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी घोषणा की गई। इस वर्ष यात्रा के माध्यम से 2.5 लाख से अधिक लोगों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास के अध्यक्ष प्रो. एमएलबी भट्ट तथा नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (एनएमओ) के प्रांत अध्यक्ष डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि यह यात्रा केवल स्वास्थ्य शिविर तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा, समर्पण और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का अभियान है। इसका उद्देश्य उन दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जहां आज भी बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। यात्रा का ध्येय वाक्य है— “जहां राह नहीं, वहां हम पहुंचेंगे; जहां चिकित्सा नहीं, वहां स्वास्थ्य सेवा पहुंचाएंगे।”
इस अभियान का संचालन नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन अवध एवं गोरक्ष प्रांत तथा श्री गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास के संयुक्त प्रयास से किया जा रहा है। इसमें KGMU, AIIMS, SGPGI, BHU सहित देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों से लगभग 1000 विशेषज्ञ चिकित्सक, डॉक्टर एवं मेडिकल छात्र भाग लेंगे।
कार्यक्रम के तहत 6 और 7 फरवरी 2026 को लगभग 300 केंद्रों पर ग्रामीण स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनसे 1500 से अधिक गांवों को कवर किया जाएगा। 8 फरवरी 2026 को संबंधित जिलों में विशाल स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसमें निःशुल्क जांच, दवा वितरण और विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

