देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी में मंगलवार को 38वें राष्ट्रीय खेलों का भव्य आगाज हुआ। विभिन्न लेजर शो के बीच आयोजित इस उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय खेलों की मशाल ‘तेजस्विनी’ को ग्रहण किया, जिसे अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने उन्हें सौंपा। इस अवसर पर पूरे देश से आई पैंतीस खिलाड़ी टीमों ने अपने ध्वजों के साथ शानदार मार्च पास्ट किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की सुंदर तस्वीर यहां देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि इस बार के राष्ट्रीय खेलों में कई देशी और पारंपरिक खेलों को भी शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि यह खेल ग्रीन गेम्स के रूप में भी जाने जाएंगे क्योंकि इनमें पर्यावरण अनुकूल चीजों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रॉफी और मेडल ई-वेस्ट से बनाए गए हैं और यहां एक पौधा भी लगाया जाएगा, जो एक सराहनीय पहल है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।
The 38th National Games commences during the vibrant ceremony in Dehradun. My best wishes to all the athletes who are taking part! pic.twitter.com/dWle6QTxk5
— Narendra Modi (@narendramodi) January 28, 2025
प्रधानमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड आज युवा ऊर्जा से और भी अधिक प्रकाशमय हो गई है। बाबा केदार, बदरीनाथ जी और माँ गंगा के आशीर्वाद से राष्ट्रीय खेलों की शुरुआत हो रही है। उन्होंने इस अवसर पर उत्तराखंड के निर्माण के 25वें वर्ष को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि यह युवा राज्य देश के कोने-कोने से आए हजारों खिलाड़ियों की प्रतिभा को देखने का साक्षी बनेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि खेलो इंडिया के अंतर्गत कई नए टूर्नामेंट जोड़े गए हैं, जिससे युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। हाल ही में लद्दाख में खेलो इंडिया गेम्स का पांचवां संस्करण शुरू हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा के सैकड़ों सांसद अपने क्षेत्रों में सांसद खेल प्रतिस्पर्धा का आयोजन करवा रहे हैं, जिससे युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक मंच मिल रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खेलों को अब भारत के विकास और आत्मनिर्भरता से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होता है, तो यह पूरे देश की प्रतिष्ठा और आत्मविश्वास को बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि सरकार स्पोर्ट्स इकोनॉमी को भारत के आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रही है।
उन्होंने मेरठ का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे वहाँ की फैक्ट्रियां खेलों से जुड़ी मैन्युफैक्चरिंग में योगदान दे रही हैं। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि खेलो इंडिया युवा खेलों (यूथ गेम्स) की वजह से युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का बेहतरीन अवसर मिल रहा है।
"38वें राष्ट्रीय खेलों का हुआ शुभारंभ…!"
अपनी अद्वितीय नेतृत्व क्षमता से वैश्विक पटल पर भारत को गौरवान्वित करने वाले, माँ भारती के अनन्य उपासक आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी का 38वें राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ हेतु देवभूमि उत्तराखण्ड आगमन पर महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स… pic.twitter.com/TVRKN9FcGa
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) January 28, 2025
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खेलो इंडिया पैरा गेम्स से पैरा एथलीट्स को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का अवसर मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के खिलाड़ी उन्हें ‘पीएम’ यानी परममित्र मानते हैं और उनका यह विश्वास ही उन्हें ऊर्जा देता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार खिलाड़ियों को हर संभव समर्थन देती रहेगी।
उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में खिलाड़ियों के समर्थन पर सरकार ने पूरा ध्यान केंद्रित किया है। खेलो इंडिया के अंतर्गत पूरे देश में आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है और मणिपुर में देश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाई जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी घोषणा की कि भारत 2036 ओलंपिक खेलों की मेज़बानी के लिए पूरी ताकत से प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब भारत में ओलंपिक आयोजित होंगे, तो यह भारतीय खेलों को एक नई ऊँचाई पर ले जाएगा और देश को वैश्विक खेल मंच पर एक सशक्त पहचान दिलाएगा।



