नयी दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को दावा किया कि सरकार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सदन में बोलने नहीं दे रही है क्योंकि वह इस बात को लेकर डरी हुई है कि चीन के साथ सैन्य तनाव के समय की उसकी सच्चाई सामने आ जाएगी। राहुल गांधी ने सोमवार और मंगलवार को लोकसभा में, पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण पर आधारित लेख का हवाला देते हुए चीन से संबंधित मुद्दा उठाने का प्रयास किया था, लेकिन आसन से इसकी अनुमति नहीं मिली।
हालांकि, उन्होंने मंगलवार को इस लेख को सत्यापित किया और सदन के पटल पर रखा। इस विषय और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर सदन में गतिरोध बना हुआ है। इस बीच, बुधवार को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में पंडित जवाहरलाल नेहरू के अलावा एक पूर्व नौकरशाह और एक विधिवेत्ता की किताबों का जिक्र करते हुए प्रथम प्रधानमंत्री और कांग्रेस के अन्य नेताओं पर निशाना साधा तथा उन पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाया। प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा,जब मोदी सरकार सदन को बाधित करना चाहती है, तो निशिकांत दुबे को बोलने के लिए खड़ा कर देती है। जहां, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी को संसद में, एक पब्लिश हो चुकी किताब से कुछ उद्धृत नहीं करने दिया गया, वहीं निशिकांत दुबे 6 किताबें लिए हुए हैं, सामने से दिखा रहे हैं, उनमें से उद्धृत कर रहे हैं, लेकिन उनका माइक बंद नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया,मोदी सरकार दिखाना चाहती है कि संसद में सिर्फ उन्हीं की चलती है। यह लोकसभा अध्यक्ष पद, संसद, लोकतंत्र और देश की जनता का निरादर है। प्रियंका ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष कोई एक व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि वह पूरे विपक्ष के प्रतिनिधि हैं, जिसका मतलब यह है कि सरकार उन करोड़ों लोगों का मुंह बंद करना चाहती है, जिन्होंने विपक्ष के सांसदों को वोट दिया है। कांग्रेस नेता ने कहा,एक तरफ नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोका जाता है, वहीं दूसरी तरफ किसी को खड़ा कर तमाम फिजूल की बातें बोलने दी जाती हैं। सदन में बार-बार नेहरू जी का नाम लिया जाता है। ये सनक है, जिससे देश का ध्यान भटकाया जा रहा है।
प्रियंका ने दावा किया,मोदी सरकार चाहती है कि लोगों को नरवणे जी की लिखी बातें न पता चलें। जब चीन की सेना हमारी सरहद पर थी, तो सत्ता में बैठे नेता निर्णय ही नहीं ले पा रहे थे कि अब क्या करना है। दो घंटे बाद सरकार यह कहती है कि आप खुद ही निर्णय ले लो और भाजपा के यही लोग इंदिरा गांधी जी और इतिहास की बातें करते हैं। इससे पहले, प्रियंका गांधी ने दावा किया,असलियत में मोदी सरकार डर गई है कि उनकी सच्चाई देश के सामने आ जाएगी, इसलिए वे किताब को प्रकाशित भी नहीं होने दे रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा,नरवणे जी की किताब में लिखा है कि जब चीन की सेना हमारी सीमा पर थी, उस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सरकार के शीर्ष नेतृत्व की क्या प्रतिक्रिया थी।

