लखनऊ। कई अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी पैरालम्पियन पलक कोहली Palak Kohli का कहना है कि यदि जीवन में कुछ करने का संकल्प दृढ़ता से ले लिया जाये तो कोई भी बाधा रोक नहीं सकती। दिव्यांगता को भी हौसले से हराया जा सकता है। वह गुरुवार को केजीएमयू में युवा-20 के प्री-इवेंट समारोह को संबोधित कर रही थीं।
कलाम सेंटर में हुए प्री-इवेंट समारोह में पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी पलक कोहली Palak Kohli ने कहा कि उनका एक हाथ सामान्य लोगों जैसा नहीं है। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। शुरूआत में लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाने के बजाए हतोत्साहित किया। कहा यदि किसी वजह से दूसरे हाथ में चोट लग गई तो जीवन और कठिन हो जाएगा। इसी दौरान जालंधर में कोच गौरव खन्ना से उनकी भेंट हुई। उन्होंने आगे बढ़ने के लिए उत्साहित किया। नतीजतन उन्होंने टोक्यो पैरालम्पिक्स में क्वॉलीफाई किया। इसके अलावा कई अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का नाम रोशन किया।
नाम किए कई कीर्तिमान
पलक कोहली palak kohli ने टोक्यो पैरालिंपिक खेलों में हिस्सा लिया था। उन्होंने एकल और युगल दोनों स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। वह भारत की पहली पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी हैं जिसने महिला एकल व युगल वर्ग टोक्यो पैरालिंपिक खेलों में हिस्सा लिया था। पिछले साल उन्होंने विश्व पैरा बैडमिंटन में रजत पदक जीता था। टोक्यो पैरालिंपिक खेलों में हालांकि वह मनमाफिक सफलता हासिल नहीं कर पाई थीं। जिसका दुःख भी जाहिर किया था।
अपनी प्रतिभा के चलते द्रोणाचार्य पुरस्कार हासिल कर चुके गौरव खन्ना के कुशल मार्गदर्शन में भारतीय खिलाडिय़ों ने वर्ष 2014 से अब तक 90 स्वर्ण पदक सहित रिकॉर्ड 300 से ज्यादा पदक जीते हैं। गौरव ने लॉकडाऊन में भी पलक को ट्रेनिंग से वंचित नहीं होने दिया। लॉकडाउन के दौरान उनसे ट्रेनिंग ले रहे 9 खिलाड़ियों में से 8 खिलाड़ी वापस घरों को गए।पलक कोहली वहां रही।

