लखनऊ। ऑल इंडिया टीआईपी वेलफेयर एसोसिएशन (एआईटीडब्ल्यूए) के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को लखनऊ में बीएसएनएल के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) अतुल गर्ग से मुलाकात कर एसएलए (सेवा स्तर समझौता) पेनाल्टी के मनमाने और अनुचित प्रावधानों के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस बैठक में एआईटीडब्ल्यूए के राष्ट्रीय अध्यक्ष के.के. त्रिपाठी और राष्ट्रीय महासचिव फजल रसूल मंसूरी सहित देश भर से कई पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए।
एआईटीडब्ल्यूए ने सीजीएम को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें बीएसएनएल पार्टनर, विशेष रूप से टीआईपी (टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स), को हो रहे वित्तीय नुकसान के बारे में विस्तार से बताया गया। संगठन ने लीज सर्किट पर लगाई जा रही पेनाल्टी के विरोध में सख्त रुख अपनाया और मांग की कि पेनाल्टी केवल सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच ही लगाई जाए, जब बैंक खुले रहते हैं। एसोसिएशन ने तर्क दिया कि शाम 5 बजे के बाद बैंक बंद हो जाते हैं, जिससे सेवाओं पर सीधा असर पड़ता है।
इसके अलावा, संगठन ने सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में दोपहर 2 बजे के बाद लगाए जा रहे एसएलए पेनाल्टी को तत्काल रोकने की मांग की, क्योंकि इन संस्थानों में 2 बजे के बाद कोई सेवा नहीं दी जा सकती।
एआईटीडब्ल्यूए ने बीएसएनएल पर सिर्फ अपनी जेब भरने के लिए एसएलए पेनाल्टी लगाने का आरोप लगाया। संगठन ने इस बात पर भी जोर दिया कि ट्रांसमिशन की कमी या मीडिया डाउन होने के कारण होने वाली पेनाल्टी उन लापरवाह अधिकारियों के वेतन से काटी जानी चाहिए, जिनकी लापरवाही के कारण फाइबर ब्रेक या अन्य समस्याएं होती हैं। इस मांग ने बैठक में काफी जोर पकड़ा।
बैठक में बीएसएनएल नेटवर्क की कई अन्य अनियमितताओं पर भी चर्चा हुई, जैसे कि नेटवर्क में उतार-चढ़ाव और बार-बार मीडिया का डाउन होना। इन मुद्दों पर उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधियों ने सीजीएम के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया।

सीजीएम अतुल गर्ग ने संगठन की सभी मांगों और चिंताओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इन सभी मुद्दों को दिल्ली स्थित निदेशक (सीएफए) और सीएमडी (अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक) के पास भेजेंगे। उन्होंने कहा कि वे संगठन की बात को कॉरपोरेट ऑफिस तक जरूर पहुंचाएंगे, ताकि इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करके कोई ठोस समाधान निकाला जा सके।
इस महत्वपूर्ण बैठक में एआईटीडब्ल्यूए के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे, जिनमें संरक्षक के.के. यादव, उपाध्यक्ष सर्वेश शर्मा, कोषाध्यक्ष अनूप तिवारी, विधिक सलाहकार श्रीमती बीनू सिंह, अरविंद कुमार श्रीवास्तव, रणविजय मौर्य, श्री प्रकाश सिंह, अंशु सिंह, शिव प्रसाद पांडे, और लगभग 200 टीआईपी सदस्य शामिल थे। इस बैठक ने टीआईपी समुदाय की एकजुटता और अपने अधिकारों के लिए लड़ने के दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित किया।

