जयपुर। नाबालिग से दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम ने शनिवार को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर कर दिया। राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 अगस्त को उसकी अंतरिम जमानत बढ़ाने से इनकार कर दिया था।
हाईकोर्ट की खंडपीठ—जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर—ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर कहा था कि आसाराम की तबीयत वर्तमान में स्थिर है और उसे निरंतर चिकित्सकीय देखभाल या अस्पताल में भर्ती रहने की आवश्यकता नहीं है।
गौरतलब है कि आसाराम को जनवरी 2025 में पहली बार 12 साल बाद अंतरिम जमानत मिली थी। इस दौरान उसने अहमदाबाद, इंदौर, जोधपुर, जयपुर और ऋषिकेश में इलाज कराया, लेकिन मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार वह किसी भी अस्पताल में नियमित फॉलोअप नहीं कर रहा था।
सुनवाई के दौरान आसाराम के वकील निशांत बोड़ा ने दलील दी थी कि 21 अगस्त को एम्स जोधपुर में डॉक्टरों ने उसकी बिगड़ती तबीयत का हवाला दिया था। हालांकि, 18 अगस्त को मेडिकल बोर्ड द्वारा की गई जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर कोर्ट ने उसकी दलील खारिज कर दी और कहा कि आसाराम की स्थिति सामान्य और स्थिर है।