दुबई। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान सलमान अली आगा ने कहा उनकी टीम ने भारत के खिलाफ रविवार को होने वाले एशिया कप फाइनल के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बचाकर रखा है।भारत पाकिस्तान के बीच दुबई में खेले गये पिछले में मुकाबले में पाकिस्तान को करारी का सामना पड़ा था इसके बावजूद कप्तान आगा ने कहा कि उनकी टीम इस हाई-प्रेशर मुकाबले में चीजें बदलने के लिए आत्मविश्वास से भरी है।शनिवार को दुबई में प्री-फाइनल प्रेस कॉन्फ्रेंस में सलमान ने कहा, जब पाकिस्तान और भारत एक-दूसरे के खिलाफ खेलते हैं, तो हमेशा बहुत दबाव होता है, और अगर हम कहें कि कोई दबाव नहीं है, तो यह गलत है। दोनों टीमों पर उतना ही दबाव होगा।
सलमान अली आगा ने स्वीकार किया कि पिछली हार की वजह उनकी अपनी गलतियाँ थीं। हमने उनसे ज़्यादा गलतियाँ की हैं और यही वजह है कि हम मैच नहीं जीत पाए हैं। अगर हम उनसे कम गलतियाँ करते हैं, तो हम जीतेंगे। जो भी टीम कम गलतियाँ करेगी, वह जीतेगी, और हम कम गलतियाँ करने की कोशिश करेंगे।
सलमान आगा ने टीम की जीत का भरोसा जताते हुए कहा, इंशाअल्लाह, आप हमें कल जीतते हुए देखेंगे।हमारा प्रयास अपना सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेलना है। और हम जानते हैं कि अगर हम अपना सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेलते हैं और 40 ओवरों तक अपनी योजनाओं को क्रियान्वित करते हैं, तो हम किसी भी टीम को हरा सकते हैं। और हम ऐसा करने की कोशिश करेंगे।
मैदान पर साहिबजादा फरहान के ‘बंदूक चलाने के जश्न’ और हारिस रऊफ के सीमा-रेखा पर इशारों जैसे विवादों पर सलमान ने अपने खिलाड़ियों के आत्म-अभिव्यक्ति के अधिकार का बचाव किया, बशर्ते वे मर्यादा पार न करें। उन्होंने कहा, यह व्यक्ति पर निर्भर करता है, हर किसी का अपना तरीका होता है। अगर कोई मैदान पर आक्रामक रहना चाहता है, तो क्यों नहीं? क्योंकि अगर आप एक तेज गेंदबाज से आक्रामकता छीन लेते हैं, तो कुछ नहीं बचता।
कप्तान ने स्पष्ट किया कि जब तक कोई खिलाड़ी किसी का अनादर नहीं कर रहा है या देश के लिए कुछ अपमानजनक नहीं कर रहा है, उन्हें पूरी आज़ादी है। उन्होंने कहा,अगर आप एक तेज गेंदबाज से हाव-भाव छीन लेते हैं, तो मुझे नहीं लगता कि वह उतना प्रभावी रहेगा जितना उसे होना चाहिए।
‘हैंडशेक’ न होने पर निराशा
इस टूर्नामेंट के दौरान दोनों टीमों के बीच मैच के बाद हाथ न मिलाने पर सलमान ने निराशा व्यक्त की। उन्होंने याद किया, मैंने 2007 से क्रिकेट खेलना शुरू किया, अंडर-16 स्तर पर। मैंने कभी नहीं देखा कि दो टीमों के बीच हैंडशेक न हुआ हो। मेरे अब्बू एक बड़े क्रिकेट प्रशंसक हैं, और वह 20 साल और पीछे गए और कहा कि ऐसा कभी नहीं हुआ कि दोनों टीमों ने हाथ न मिलाया हो। मैं भी ऐसा समय याद नहीं कर सकता जब ऐसा न हुआ हो।उन्होंने ज़ोर देकर कहा,जब भारत-पाकिस्तान संबंध बदतर थे, तब भी हमेशा हैंडशेक होता था। इसलिए, मुझे नहीं लगता कि हैंडशेक न होना क्रिकेट के लिए अच्छा है।
बाहरी शोर पर फोकस नहीं
मैच से पहले बाहरी शोर और मीडिया की बातों से निपटने के सवाल पर, जिस पर भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपनी टीम को अपना कमरा बंद करो, फोन बंद करो और सो जाओ की सलाह दी थी, सलमान ने कहा कि उन्होंने यह अपने खिलाड़ियों पर छोड़ दिया है। कोई संदेश नहीं है, क्योंकि हम मैदान के बाहर हो रही चीजों को नियंत्रित नहीं कर सकते। हमारी टीम में, हम वही नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं जो हम कर सकते हैं। मीडिया क्या कर रहा है, या लोग क्या कह रहे हैं, वह हमारे नियंत्रण में नहीं है। और इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने अंत में कहा, हम यहां अच्छा क्रिकेट खेलने आए हैं, और हम अच्छा क्रिकेट खेलेंगे और चले जाएंगे। हमारा लक्ष्य एशिया कप जीतना है, और हम कल उसी के लिए मैदान पर आएंगे।

