रिपोर्ट – सिद्धार्थ जैन
जयपुर। पशुपालन को बढावा देने के उदेश्य से पशुपालन विभाग प्रदेशभर में पशु मेलों का आयोजन करेगा। प्रथम चरण में 10 जिलों में मेलों का आयोजन होगा। इसके लिए विभाग तैयारियों में जुट गया है।पशुपालन एवं डेयरी तथा देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि राज्य स्तर पर पशु मेलों का प्रतिवर्ष आयोजन किया जाता है। कला, संस्कृति, पशुपालन और पर्यटन की दृष्टि से यह मेले अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। देश विदेश के हजारों लाखों पर्यटक इसके माध्यम से लोक कला एवं ग्रामीण संस्कृति से रूबरू होते हैं।
जिला स्तर पर भी होगा पशु मेले का आयोजन
कैबिनेट मंत्री ने बताया की अब राज्य सरकार ने पशुपालकों की सुविधा के हिसाब से जिला स्तर पर भी पशु मेले आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके प्रथम चरण में 10 जिलों में पशु मेले प्रस्तावित हैं। सितंबर में 2, अक्टूबर में 1, जनवरी-2026 में 2 तथा फरवरी में 5 जिलों में पशु मेले आयोजित किए जाएंगे।
इन जिलों में होंगे आयोजन
इनमें 8 से 17 सितंबर तक झुंझुंनुं जिले के नवलगढ में बदराना पशु मेला, 13 से 17 सितंबर तक राजसमंद जिले के कुरज तहसील रेलमगरा में समेलिया महादेव पशु मेला, 6 से 10 अक्टूबर तक जयपुर जिले की तुंगा तहसील के देवगांव में नईनाथ पशु मेला, 20 से 24 जनवरी तक जैसलमेर जिले के रामदेवरा पोकरण में बाबा रामदेव पशु मेला, 28 जनवरी से 1 फरवरी तक जोधपुर जिले की केरू
पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बड़ली, 7 से 12 फरवरी तक बीकानेर जिले के लूणकरणसर, 15 से 19 फरवरी तक पाली जिले के सांडेराव में श्रीनिंबेश्वर महादेव पशु मेला व जालौर जिले के सायला में मां कात्यायनी देवी पशु मेला, 16 से 20 फरवरी तक उदयपुर जिले के जूनावास, खेमली में अंजना माता पशु मेला, 25 फरवरी से 1 मार्च तक सिरोही जिले की रेवदर तहसील के मंडार में लीलाधारी महादेव पशु मेला आयोजित किया जाएगा।

