राजस्थान बना गोदाम निर्माण का मॉडल, अध्ययन के लिए जयपुर पहुंचा उत्तर प्रदेश का दल

रिपोर्ट – सिद्धार्थ जैन

जयपुर। ‘सहकार से समृद्धि’ अभियान के तहत संचालित ‘सहकारिता क्षेत्र में विश्व की वृहत् अन्न भण्डारण योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन में राजस्थान देशभर में मिसाल बनकर उभरा है। योजना के सफल संचालन और गोदाम निर्माण मॉडल का अध्ययन करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल जयपुर पहुंचा।

मंगलवार को प्रतिनिधिमंडल ने नेहरू सहकार भवन में सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा से मुलाकात कर राजस्थान में गोदाम निर्माण की कार्यप्रणाली, वित्तीय मॉडल और मॉनिटरिंग सिस्टम की जानकारी ली। डॉ. शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में भण्डारण क्षमता बढ़ाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में गोदामों का निर्माण संबंधित सहकारी समितियों के माध्यम से कराया जा रहा है, जिससे एजेंसियों के कमीशन का अतिरिक्त भार समाप्त हुआ है और निर्माण लागत में उल्लेखनीय कमी आई है। राजस्थान में गोदाम 4000 से 5500 रुपये प्रति मीट्रिक टन की लागत से बनाए जा रहे हैं, जो अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है। साथ ही विभागीय स्तर पर नियमित निगरानी और मॉनिटरिंग के जरिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है।

डॉ. शर्मा ने बताया कि सभी गोदाम डब्ल्यूडीआरए के निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए जा रहे हैं। राज्य सरकार प्रत्येक गोदाम के लिए 25 लाख रुपये की सब्सिडी प्रदान कर रही है तथा गोदाम निर्माण में शत-प्रतिशत सब्सिडी उपलब्ध कराने वाला राजस्थान देश का एकमात्र राज्य है। गोदामों के अधिकतम उपयोग के लिए विभाग ने उन्हें किराये पर उपलब्ध कराने संबंधी विस्तृत एसओपी भी जारी की है।

उन्होंने बताया कि राज्य में 500 मीट्रिक टन क्षमता वाले कुल 250 गोदामों के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है। इसके तहत वर्ष 2024-25 में 100, वर्ष 2025-26 में 100 और वर्ष 2026-27 में 50 गोदाम बनाए जाएंगे। इससे प्रदेश में 1.25 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त भण्डारण क्षमता विकसित होगी। वर्ष 2024-25 के तहत 98 गोदामों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि वर्ष 2025-26 के अंतर्गत 91 गोदाम निर्माणाधीन हैं। वर्ष 2026-27 के लिए चयन प्रक्रिया जारी है।

प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त रजिस्ट्रार (प्रोसेसिंग) शुद्धोधन उज्ज्वल और संयुक्त रजिस्ट्रार (प्रोसेसिंग) कल्पना जोशी से भी तकनीकी एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर चर्चा की। साथ ही दल ने फील्ड विजिट कर निर्माणाधीन और पूर्ण हो चुके गोदामों का निरीक्षण भी किया।

उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल में राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड के मुख्य अभियंता परीक्षित त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता सतेन्द्र सिकरवार तथा एफसीआई के सहायक महाप्रबंधक प्रतीक के. शर्मा शामिल रहे।

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