प्रसूताओं की मौत पर सख्त हुए लोकसभा अध्यक्ष, एम्स व केन्द्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों की टीम करेगी कोटा का दौरा, बनेगी नई एसओपी

रिपोर्ट – सिद्धार्थ जैन

जयपुर। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की मृत्यु के मामले को गंभीरता से लेते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को कोटा के सीएडी सभागार में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में चिकित्सा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़, कोटा संभागीय आयुक्त अनिल अग्रवाल, जिला कलक्टर पीयूष समारिया, मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जेके लोन अस्पताल सहित विभिन्न अस्पतालों के अधीक्षक और चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत और तथ्यात्मक जानकारी ली। जयपुर से आई जांच टीम द्वारा की गई कार्रवाई और अब तक उठाए गए कदमों की भी समीक्षा की। श्री बिरला ने कहा कि प्रसूताओं की मृत्यु बेहद संवेदनशील मामला है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे मामले की जवाबदेही तय की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए सख्त एसओपी और प्रोटोकॉल तैयार किए जाएं।

सर्जरी के दौरान विशेष सावधानी बरतने के निर्देश

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली एम्स और अन्य केंद्रीय चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों की टीम कोटा-बूंदी के अस्पतालों का दौरा करेगी। यह टीम ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण के कारणों, सर्जरी प्रक्रिया और अस्पतालों की व्यवस्थाओं की गहन जांच करेगी। साथ ही कमियों को दूर करने के लिए विस्तृत रिपोर्ट और आवश्यक एसओपी भी तैयार करेगी। बिरला ने चिकित्सकों को सर्जरी के दौरान विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए।

ओम बिरला ने कोटा संभागीय आयुक्त को निर्देश दिए कि उनकी अध्यक्षता में एक समिति गठित कर जिले के सभी सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण किया जाए। समिति अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों, साफ-सफाई, नर्सिंग व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा कर कमियों को दूर करने का रोडमैप तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आमजन का विश्वास बनाए रखना सबसे जरूरी है।

लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

बैठक में अस्पतालों की साफ-सफाई व्यवस्था मजबूत करने, नर्सिंग और इमरजेंसी सेवाओं को बेहतर बनाने तथा इलाज में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए गए। साथ ही लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर उपचार मिल सके और आमजन का सरकारी अस्पतालों पर भरोसा बना रहे।

बैठक में अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ममता तिवाड़ी, आयुक्त नगर निगम ओ पी मेहरा, सवाई मानसिंह अस्पताल के वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. धनंजय अग्रवाल, मेडिकल कॉलेज कोटा के प्राचार्य डॉ. निलेश जैन, जे के लोन अस्पताल की अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा, एमबीएस अधीक्षक डॉ. धर्मराज मीणा सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित थे।

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