लखनऊ। पुलिस लाइन्स परिसर में एक सार्थक पहल की गयी। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति व प्रेरणादायी मार्गदर्शन में आज ह्यूमन पैपिलोमा वायरस वैक्सीनेशन कार्यक्रमअ भियान का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पुलिसकर्मियों की निस्वार्थ सेवा की सराहना करते हुए कहा कि यह टीकाकरण अभियान केवल एक स्वास्थ्य पहल नहीं, बल्कि पुलिस परिवारों के लिए एक सामाजिक सुरक्षा कवच है, जिसका उद्देश्य उन्हें सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी से बचाना है।
ऐतिहासिक दिन
पुलिस महानिदेशक, राजीव कृष्ण ने अपने संदेश में कहा कि ” पुलिस परिवारों के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन है। एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान न केवल स्वास्थ्य, बल्कि सामाजिक सुरक्षा का भी प्रतीक है। पुलिसकर्मी हमारे सुरक्षा प्रहरी हैं, जो दिन-रात हमारी सुरक्षा में तत्पर रहते हैं। उनके परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हमारा लक्ष्य सभी पुलिस स्टेशनों तक इस अभियान को विस्तारित करना है।

यह अभियान विशेष रूप से पुलिस परिवारों की बच्चियों के लिए चलाया जा रहा है। जिसका उद्देश्य पुलिसकर्मियों के परिवारों की महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाना है।। इस अभियान के तहत 140 पुलिस परिवारों की बच्चिय एचपीवी (न्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण किया गया। यह अभियान उत्तर प्रदेश पुलिऔर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) व ग्रीन गैस लिमिटेड एवं वामा यी सहयोग से आयोजित किया गया है। जिसकी अगुवाई पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण और पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर ने की।
सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ एक सुरक्षा कवच
मानव पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) का एक प्रमुख कारण है। भारत में हर साल हजारों महिलाएं इस बीमारी की चपेट में आती हैं। एचपीवी वैक्सीन एक सुरक्षित एवं प्रभावी उपाय है, जो कि सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ एक सुरक्षा कवच है, जिससे हम अपनी बेटियों, बहनों और माताओं को इस गंभीर बीमारी से बचा सकते हैं। यह वैक्सीन 9 से 26 वर्ष की आयु की लड़कियों के लिए अत्यंत लाभकारी है, जो उन्हें सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करती है और एक स्वस्थ व दीर्घायु जीवन जीने का अवसर देती है।
अभियान का उद्देश्य
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों के परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है। पुलिसकर्मी राष्ट्र की सेवा में दिन-रात तैनात रहते हैं, अक्सर अपने परिवारों को समय नहीं दे पाते। इस अभियान से उनके परिवारों को निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना। यह अभियान केवल एक स्वास्थ्य अभियान नहीं, बल्कि एक सामाजिक सुरक्षा कवच है जो पुलिस परिवारों को एक गंभीर और जानलेवा बीमारी से बचाने का प्रयास है। यह अभियान न केवल एक टीकाकरण ड्राइव है, बल्कि “सेवा परमो धर्मः” की भावना का प्रतीक है।
एचपीवी वैक्सीनेशन न केवल स्वास्थ्य अभियान को बढ़ावा देता है, बल्कि पुलिस बलों के प्रति सामाजिक संवेदनशीलता और महिला सशक्तिकरण का एक उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक कदम
यह अभियान महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वस्थ महिलाएं ही स्वस्थ परिवार की धुरी होती हैं, और स्वस्थ परिवार ही स्वस्थ समाज की नींव तैयार करते हैं। यह संकल्प लिया गया कि आने वाले समय में यह अभियान और भी व्यापक स्तर पर चलेगा। लक्ष्य यह है कि पुलिस परिवारों की महिलाएं, सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पूरी तरह सुरक्षित और मुक्त रहें।
सामूहिक प्रयास और जनभागीदारी का आह्वान
इस अभियान को सफल बनाने में सभी माता-पिता और अभिभावकों से अनुरोध किया गया कि वे अपनी बेटियों को एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवाएं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ और चिकित्सक, उपस्थित लोगों के सभी सवालों के जवाब देने के लिए मौजूद थे।
एक्सओएमओ
आज अभियान के प्रथम चरण में 140 पुलिस परिवारों की बच्चियों को वैक्सीनेशन प्रदान किया गया। पुलिस विभाग इन परिवारों को आश्वस्त करता है कि “आपका परिवार हमारा परिवार है” और उनकी समस्या को अपनी समस्या समझकर उन्हें स्वस्थ व सुरक्षित जीवन देने का प्रयास सदैव करते रहेंगे। एचपीवी वैक्सीनेशन के प्रति लोगों को आगे भी जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में मौजूद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि “एचपीवी संक्रमण से बचाव ही सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका है।” अभिभावकों से अपील की गई कि वे सामाजिक भ्रांतियों से ऊपर उठकर अपनी बेटियों को यह वैक्सीन अवश्य लगवाएँ।