लखनऊ। लगातार बढ़ रहे साइबर अपराध पर रोकथाम को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन राज महिला आयोग के सभागार में किया गया। जिसका शुभारम्भ आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने किया।
जागरुकता कार्यक्रम में सहायक पुलिस आयुक्त अरुण कुमार ने फिशिंग लिंक, विशिंग कॉल्स ,ऑनलाइन बाजारों का उपयोग करके, एटीएम कार्ड स्किमिंग फ्रॉड, सिम स्वैपिंग या सिम क्लोनिंग के माध्यम से,सर्च इंजनों के माध्यम से क्रडेंशियल कॉम्प्रोमाइज कर किये जाने वाले साइबर अपराध के साथ ही यूपीआई अकाउंट टेकओवर फ्रॉड, चाइल्ड पोर्नाेग्राफी,ऑनलाइन जॉब फ्रॉड, क्यूआरकोड स्कैम, ई-मेल द्वारा कारित अपराध, सेक्सटार्सन फ्रॉड (हनी ट्रैप), फर्जी वेबसाइट फ्रॉड,फर्जी तरीके से प्राप्त डाक्युमेन्ट द्वारा फ्रॉड लोन ले लेना शामिल है।
इसके अलावा एमएलएम स्कीम अथवा पिरामिड स्कीम फ्रॉड, फर्जी बैंक रिकवरी एजेन्ट धोखाधड़ी, सरकारी योजनओं के नाम पर फ्रॉड, व्हाट्सएप हैकिंग, बैंकिग फ्रोड, कॉल स्पूफिंग, क्रेडिट कार्ड एक्टिवेशन फ्रॉड, मेलवेयर, कैशबैक ऑफर का प्रयोग कर ऑनलाइन फ्रॉड आदि योजनाओं के सम्बन्ध में सम्पूर्ण जानकारी दे कर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में जनसुनवाई/जागरूकता चौपाल के दौरान महिलाओं/बालिकाओं को विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ दिये जाने पर बल दिया गया।
कार्यक्रम में सुनीता श्रीवास्तव, पूनम द्विवेदी,अनुपमा सिंह लोधि,सुजीता कुमारी,मीना कुमारी,गीता बिन्द,गीता विश्वकर्मा पुष्पा पाण्डेय, डॉ. प्रियंका मौर्य,मिनाक्षी भराला,ऋतु शाही,सुनीता सैनी,एकता सिंह,अर्चना पटेल,जनक नंदिनी,प्रतिभा कुशवाहा,रेनू गौड़,अवनी सिंह, डॉ. हिमानी अग्रवाल,मनीषा अहलावत, सचिन दीक्षित वित्त एवं लेखाधिकारी व अन्य गणमान्य पदाधिकारी/अधिकारी उपस्थित रहे।