राष्ट्रपति मुर्मू पहुंचीं अयोध्या, रामलला की पूजा-अर्चना

महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुष्पगुच्छ देकर किया स्वागत

 अयोध्या। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने एक दिवसीय दौरे पर वीरवार को धर्मनगरी अयोध्या पहुंचीं, जहाँ उन्होंने भव्य राम मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मंदिर में एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान के तहत 150 किलोग्राम वजनी सोने से जड़ित ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना करना है। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक ने राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति का काफिला सीधे राम जन्मभूमि परिसर के लिए रवाना हुआ, जहां उन्होंने रामलला की आरती उतारी और देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने इस विशेष ‘श्री राम यंत्र’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह यंत्र वैदिक गणित के प्राचीन सिद्धांतों पर आधारित है। इसे विशेष रूप से सकारात्मक आध्यात्मिक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाने और भगवान राम की दिव्य उपस्थिति को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए तैयार किया गया है। 150 किलोग्राम वजनी इस चौकोर धातु की प्लेट पर शुद्ध सोने की परत चढ़ी है, जिस पर सूक्ष्मता से ‘बीज मंत्र’ और वैदिक ऋचाएं उत्कीर्ण की गई हैं। यह यंत्र कांची कामकोटि पीठम के पारंपरिक स्वरूप पर आधारित है, जिसे जगद्गुरु स्वामी विजयेंद्र सरस्वती के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में निर्मित कराया गया है।

ऐतिहासिक दृष्टि से यह यंत्र लगभग दो वर्ष पूर्व एक भव्य औपचारिक जुलूस के साथ तिरुपति देवस्थानम (आंध्र प्रदेश) से अयोध्या लाया गया था। तब से इसे मंदिर परिसर में सुरक्षित रखकर प्रतिदिन इसकी विधिवत पूजा-अर्चना की जा रही थी। अब चैत्र नवरात्रि और हिंदू नव वर्ष के पावन अवसर पर चल रहे अनुष्ठानों के बीच, इसे मंदिर की दूसरी मंजिल पर ‘अभिजीत मुहूर्त’ के दौरान स्थापित किया जाएगा। धार्मिक जानकारों का मानना है कि इस यंत्र की स्थापना से मंदिर के वास्तु और आध्यात्मिक प्रभाव में और भी वृद्धि होगी, जिससे यहां आने वाले करोड़ों भक्तों को मानसिक शांति की अनुभूति होगी।

राष्ट्रपति के इस वीवीआईपी दौरे और धार्मिक उत्सवों को देखते हुए संपूर्ण अयोध्या नगरी को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव ग्रोवर ने जानकारी दी कि सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए मंदिर परिसर और शहर के विभिन्न हिस्सों में 7,000 से अधिक अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शहर के मुख्य प्रवेश द्वारों पर यातायात प्रतिबंध लागू किए गए हैं। जिला प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें और प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचें।

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