Sunday, August 31, 2025
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    कृषि बनेगी समृद्धि और आत्मनिर्भरता का आधार : सीएम योगी

     

    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कृषि विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि अब राज्य का किसान केवल योजनाओं का लाभ लेने वाला नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास में एक सक्रिय भागीदार बनेगा। उन्होंने कहा कि “नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में कृषि केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि समृद्धि और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बनेगी।” यह वक्तव्य प्रदेश सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर रहा है। देश के कुल कृषि क्षेत्र का 11.41% हिस्सा उत्तर प्रदेश में है, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में 20.89% की हिस्सेदारी रखता है, जो किसानों की कठिन मेहनत और सरकार की प्रभावी नीतियों का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने बताया कि 2016-17 में जहाँ खाद्यान्न उत्पादन 557.46 लाख मीट्रिक टन था, वहीं यह 2024-25 में बढ़कर 725.12 लाख मीट्रिक टन से भी अधिक हो गया है। इसके साथ ही दलहन और तिलहन उत्पादन में भी दोगुने से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के किसानों की लगन, तकनीकी नवाचारों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है। उन्होंने इन उपलब्धियों को और ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए संकल्प व्यक्त किया।

    बीज क्षेत्र में क्रांति की तैयारी

    बीज की गुणवत्ता और उपयुक्तता पर विशेष बल देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य के विभिन्न जलवायु क्षेत्रों (क्लाइमेटिक ज़ोन्स) के अनुसार बीजों का विकास किया जाए। उन्होंने कहा कि अगैती और पछेती बोआई के लिए अलग-अलग बीज तैयार किए जाएं। साथ ही बीजों का प्रमाणीकरण सुनिश्चित किया जाए और किसानों को रियायती दरों पर बीज उपलब्ध कराए जाएं।

    मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम को निर्देशित किया कि वह किसानों से बीज की खरीद के लिए दी जाने वाली धनराशि में वृद्धि करे और प्रोसेस्ड बीजों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करे। लखनऊ में प्रस्तावित चौधरी चरण सिंह बीज पार्क की स्थापना की प्रक्रिया को तत्काल आरंभ करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने इसे बीज क्षेत्र में एक क्रांतिकारी पहल बताया।

    तकनीक और अनुसंधान का समुचित उपयोग करें : योगी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (UPCAR) जैसे वैज्ञानिक संस्थानों का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने तकनीक आधारित कृषि नवाचारों को गति देने की बात करते हुए किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने पर बल दिया। इससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि और लागत में कमी संभव होगी।

    कृषि यंत्रों पर सब्सिडी में पारदर्शिता

    कृषि यंत्रों पर दी जाने वाली सब्सिडी की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से आवेदन लेने से पहले व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिकाधिक किसान योजना के लाभ से जुड़ सकें। साथ ही चयन प्रक्रिया में यह भी सुनिश्चित किया जाए कि अधिक से अधिक विकास खंडों के किसानों को लाभ मिले।

    मुख्यमंत्री योगी ने केंद्र सरकार द्वारा घोषित ‘श्री अन्न वर्ष’ का हवाला देते हुए कहा कि मोटे अनाजों (मिलेट्स) को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन व खरीद प्रणाली को सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने श्री अन्न को किसानों की आय में वृद्धि का एक सशक्त माध्यम बताया।

    इसके साथ ही प्राकृतिक खेती और जैविक उत्पादों के प्रमाणीकरण की प्रभावी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए गए ताकि किसानों को बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैविक उत्पादों को प्रामाणिकता के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है।

    पीएम किसान योजना में पारदर्शिता

    बैठक के दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत अब तक 2.81 करोड़ किसान लाभान्वित हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इसे किसान कल्याण, पारदर्शिता और सुशासन का सजीव उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए कटिबद्ध हैं।बैठक में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह , मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद भी मौजूद रहे

     

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