आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने आइसगेट 2.0 पोर्टल पर शुरू की कस्टम ड्यूटी पेमेंट सुविधा

आइसगेट 2.0 से जुड़ने के साथ आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की टैक्स पेमेंट सर्विसेस हुईं पूरी

  • आरबीआई, सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (सीबीआईसी) और वित्त मंत्रालय से अधिकृत
  • प्राइवेट सेक्टर के चुनिंदा बैंकों में शामिल, जो डायरेक्ट टैक्स, जीएसटी और कस्टम्स पेमेंट को सपोर्ट करते हैं
  •  व्यक्तियों और बिज़नेस ग्राहकों के लिए सुरक्षित और डिजिटल टैक्स पेमेंट की सुविधा
  •  डाउनलोड करने योग्य चालान और तुरंत पेमेंट कन्फर्मेशन की आसान सुविधा

नई दिल्ली । आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने आज अपने व्यक्तिगत और बिज़नेस ग्राहकों के लिए नई सुविधा शुरू करने की घोषणा की है, जिसके जरिए अब वे आइसगेट 2.0 से जुड़कर कस्टम ड्यूटी, सेंट्रल एक्साइज और सर्विस टैक्स का डिजिटल पेमेंट आसानी से कर सकेंगे।

इस इंटीग्रेशन के साथ ग्राहक आइसगेट पोर्टल के जरिए आसानी से टैक्स पेमेंट शुरू कर सकते हैं और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के रिटेल और कॉर्पोरेट इंटरनेट बैंकिंग प्लेटफॉर्म के जरिए पेमेंट पूरा कर सकते हैं, जिससे उन्हें सुरक्षित, तेज और पूरी तरह डिजिटल अनुभव मिलता है। यह प्लेटफॉर्म ग्राहकों को रियल टाइम पेमेंट कन्फर्मेशन, आसान ऑनलाइन प्रोसेस और रिकॉर्ड के लिए तुरंत चालान डाउनलोड करने की सुविधा देता है।

लॉन्च पर बात करते हुए, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के हेड- रिटेल लाइबिलिटीज़, आशीष सिंह ने कहा, “कस्टम ड्यूटी पेमेंट व्यापार की रफ्तार और बिज़नेस की निरंतरता के लिए बहुत जरूरी होते हैं। आइसगेट 2.0 पर लाइव होकर हम इम्पोर्टर्स, एक्सपोर्टर्स और बिजनेस को यह सुविधा दे रहे हैं कि वे अपने ये जरूरी पेमेंट्स डिजिटल तरीके से उसी आसानी और भरोसे के साथ कर सकें, जैसा वे डायरेक्ट टैक्स और जीएसटी पेमेंट में अनुभव करते हैं। यह कदम भारत के डिजिटल टैक्स और ट्रेड सिस्टम में हमारी भूमिका को और मजबूत करता है।”

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक उन चुनिंदा प्राइवेट सेक्टर बैंक्स में शामिल है, जिन्हें डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी), जीएसटी और कस्टम्स पेमेंट सपोर्ट करने की मंजूरी है, जिससे ग्राहकों को एक ही जगह पर बैंकिंग और जरूरी वित्तीय काम पूरे करने की सुविधा मिलती है।

आइसगेट 2.0 पोर्टल अब ग्राहकों को पूरे साल डिजिटल तरीके से पेमेंट करने की सुविधा देता है, जिससे बिज़नेस को कैश-फ्लो प्लानिंग आसान होती है और सभी टैक्सपेयर्स समय पर अपने काम पूरे कर पाते हैं।

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