रुपईडीहा लैंड पोर्ट पर श्रद्धा और गर्व के साथ मनाया गया कारगिल विजय दिवस

बहराइच । भारत सरकार के गृह मंत्रालय के तत्वावधान में लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा रुपईडीहा लैंड पोर्ट पर वीरता, शौर्य और बलिदान के प्रतीक कारगिल विजय दिवस का आयोजन श्रद्धापूर्वक किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत लास्ट पोस्ट की बिगुल धुन पर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करके की गई। उपस्थित जनसमूह ने 26 जुलाई 1999 को ‘ऑपरेशन विजय’ के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले लगभग 500 वीर जवानों को याद किया। कार्यक्रम में कैप्टन विक्रम बत्रा के अमर वाक्य या तो तिरंगा फहराकर आएंगे या तिरंगे में लिपटकर भावुकता से याद किए गए। लैंड पोर्ट रुपईडीहा के मैनेजर एवं रीजिनल एडमिनिस्ट्रेटर उत्तर प्रदेश, सुधीर शर्मा ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में शहीद पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की पंक्तियाँ उद्धृत करते हुए कहा:शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर वर्ष मेले,वतन पे मरने वालों का यही बाकी निशां होगा।

कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते लैंड पोर्ट रुपईडीहा के मैनेजर एवं रीजिनल एडमिनिस्ट्रेटर उत्तर प्रदेश, सुधीर शर्मा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, रुपईडीहा नगर पालिका चेयरमैन डॉ. उमाशंकर वैश्य ने कारगिल युद्ध में वीरगति प्राप्त करने वाले सभी अमर शहीदों को शत-शत नमन किया और उनके बलिदान को भारत की सच्ची धरोहर बताया।रुपईडीहा पत्रकार संघ के अध्यक्ष संजय वर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा, हमें अपने वीर जवानों पर गर्व है। वे तिरंगे की आन-बान-शान की रक्षा के लिए सदा तत्पर रहते हैं।

कार्यक्रम में अधिशासी अभियंता रामबदन यादव और अनिकेत पाण्डेय ने भी अपने ओजस्वी विचार रखे और शहीदों की कुर्बानी को सलाम किया।इस अवसर पर कस्टम, इमीग्रेशन, प्लांट क्वारंटाइन, लैंड पोर्ट अथॉरिटी के अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण भी भारी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर देशभक्ति के माहौल को जीवंत किया।कार्यक्रम के सफल आयोजन में राजकुमार वर्मा, रामनिरंजन, पुष्कर राय, ऋषभ सिंह, देवांश सिंह एवं नरेन्द्र दुबे का विशेष सहयोग सराहनीय रहा।

 

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